Published on 2020-02-06

देव संस्कृति विश्वविद्यालय का 36वाँ ज्ञानदीक्षा समारोह 11 जनवरी को उत्तराखण्ड के नगर विकास मंत्री मदन कौशिक एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत की मुख्य उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों तथा आचार्यों को उनके दायित्वों तथा अनुशासनों का बोध कराते हुए ज्ञानदीक्षा संकल्प कराए।

अपने आशीर्वचनों में कुलाधिपति जी ने वर्तमान समय में शिक्षण संस्थानों के बिगड़ते वातावरण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने संसार को बदलने का मिशन का संकल्प दोहराते हुए कहा कि परिवर्तन की प्रक्रिया में आपको अपनी भूमिका निर्धारित करने का प्रयास करना चाहिए।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, अतिथि स्वागत के उपरांत प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी द्वारा ज्ञानदीक्षा के महत्त्व पर प्रकाश डालने के साथ हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युग निर्माण जैसे महान उद्देश्य के लिए समर्पित देव परिवार के साथ जुड़ने का अवसर बिरलों को ही मिलता है, जिसकी शिक्षाओं को आत्मसात कर लेने पर व्यक्ति उत्थान के शिखर को छूता दिखाई देता है।
कुलपति श्री शरद पारधी जी ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय की अद्वितीय शिक्षा योजनाओं एवं उदात्त परम्पराओं का परिचय कराया। माननीय मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड केरल के बाद देश का दूसरा सबसे शिक्षित प्रदेश है। इसे सन् 2020 में पूर्ण साक्षर प्रदेश बनाने का लक्ष्य रखते हुए प्रत्येक शिक्षण संस्थान से 5- 5 गाँव गोद लेने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि माननीय श्री मदन कौशिक ने कहा कि पहली बार देव संस्कृति विश्वविद्यालय का ज्ञानदीक्षा समारोह देखने के बाद मुझे पूरी तरह से अहसास हो गया था कि आज का नालंदा- तक्षशिला विश्वविद्यालय यदि देश में है तो वह देव संस्कृति विश्वविद्यालय ही है।

श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी एवं अतिथियों ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को देसंविवि का प्रतीक चिह्न प्रदान किया। इस अवसर पर ई- रेनासा, संस्कृति संचार, संस्कृति ट्रेवल सॉल्यूशन के विमोचन के साथ देव संस्कृति विश्वविद्यालय में एल्युमिनी एशोसिएशन की स्थापना की घोषणा भी मंचासीन गणमान्यों ने की। इस समारोह में योग विज्ञान, धर्म विज्ञान एवं समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन के नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने ज्ञानदीक्षा ली। श्री उदय किशोर मिश्रा ने ज्ञान दीक्षा का वैदिक कर्मकाण्ड तथा डॉ. गोपाल शर्मा ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर ऋषिकेश की महापौर सुश्री अनिता ममगइ एवं एनसीसी के प्रशिक्षण शिविर में आए 650 कैडेट्स व अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी तथा पत्रकारगण भी उपस्थित थे।


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