Published on 2020-03-09
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मालगढ़, डीसा। गुजरात
मालगढ़ गायत्री संस्कार केन्द्र पिछले तीन वर्षों से ‘गुरुदक्षिणा’ कार्यक्रम चला रहा है, लक्ष्य है आसपास के 24 गावों में मिशन के रचनात्मक कार्यक्रमों को गतिशील करते हुए युग निर्माण आन्दोलन में गरिमापूर्ण भागीदारी करते हुए अपनी गुरुसत्ता को सार्थक श्रद्धाञ्जलि अर्पित करना। इसी योजना के अन्तर्गत सन् 2018 में सभी गाँवों में ‘प्राकृतिक खेती एवं स्वावलम्बन’ को प्रोत्साहित करने के लिए किसान सम्मेलन हुए। शान्तिकुञ्ज में ग्राम प्रबंधन प्रकोष्ठ प्रभारी श्री डी.पी. सिंह ने किसानों को प्राकृतिक रूप से अपनी ज़मीन की पैदावार बढ़ाने के अनेक सूत्र बताए।

डीसा तहसील के गाँव वडावल के कृषक श्री मोहनलाल भगवानजी माली को प्रेरणा मिली और उन्होंने वह कर दिखाया जिससे जिले के अन्य किसानों को भी सुख- समृद्धि की नई राह मिली है। श्री मोहनभाई एक छोटे कृषक हैं। खेती के नियमित तौर- तरीकों से विशेष लाभ न पाकर हतोत्साहित थे। उन्होंने अपनी थोड़ी- सी भूमि पर मशरूम की खेती करने की ठानी। अनेक स्थानों से तकनीकी मार्गदर्शन लिया। आज वे बनासकांठा जिले में मशरूम की खेती करने वाले पहले किसान बन गए हैं। मात्र 8000 रुपये की लागत से मशरूम की खेती आरम्भ की थी और आज वे हर माह 30 से 40 हज़ार रुपयों की कमाई कर रहे हैं। उनकी सफलता की गाथाएँ समाचार पत्रों की सुर्खियों में हैं, जिसका श्रेय वे परम पूज्य गुरुदेव के आशीर्वाद और शान्तिकुञ्ज से मिली प्रेरणाओं को देते हैं।


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