Published on 2020-03-11 HARDWAR

हरिद्वार 8 मार्च।

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के 18वें वार्षिकोत्सव का पुरस्कार वितरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ समापन हो गया। इस अवसर पर कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने प्रतिभागियों की खेल भावना को सराहा। विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय आये छात्र-छात्राओं को उन्होंने प्रशस्ति पत्र एवं मेडल भेंटकर सम्मानित किया। कुलाधिपति डॉ. पण्ड्या ने कहा कि शारीरिक व बौद्धिक प्रतियोगिता का सम्मिश्रण ने युवाओं में जबरदस्त उत्साह जगाया है।

                सांस्कृतिक प्रतियोगिता के प्रभारी डॉ शिवनारायण प्रसाद ने बताया कि इस वर्ष खेलों के साथ-साथ बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। संगीत में लोकरंजन से लोकशिक्षण पर आधारित प्रज्ञा युगसंगीत में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा दिखाई दी। शास्त्रीय संगीत एकल गायन में प्रतिभागियों ने निर्णय लेने में निर्णायकों को खूब दिमाग लगाने के लिए विवश किया। इसमें एकता नैथानी को प्रथम तथा अर्चना व सुरभि पंत को द्वितीय घोषित किया गया। एकल प्रज्ञागीत गायन में कुमार रजत को पहला तथा अनन्या त्रिपाठी को दूसरा स्थान मिला। ढपली वादन में दीक्षा पटेल ने वैष्णवी वर्मा से अव्वल रही। समूह प्रज्ञा गीत में प्रज्ञा ग्रुप को प्रथम तथा सरगम ग्रुप को द्वितीय स्थान मिला। एकल भावनृत्य में प्रेरणा ने बाजी मारी, तो वहीं जयश्री को द्वितीय स्थान से संतोष करना पड़ा। समूह नृत्य में अर्चना ग्रुप ने भावना ग्रूप को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।

                देसंविवि के खेल अधिकारी नरेन्द्र सिंह ने बताया कि छात्रा वर्ग के चार सौ मीटर दौड़ में दीपाली मौर्या ने प्रथम तथा प्रेरणा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। दौ सौ मीटर दौड़ में गीताजंलि को पहला तथा दीपांशी अवाना को दूसरा स्थान मिला। सौ मीटर दौड़ में गीताजंलि ने प्रथम व तानिया ने दूसरे स्थान पर रही। बेडमिंटन (डबल) में यशी व गीताजंलि ने पहला तथा अंजू व स्वीकृति को दूसरा मिला। पावर लिफ्टिंग में प्रेरणा ने 210 किग्रा उठाकर बाजी मारी तो वहीं अर्चना ने 190 किग्रा के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। खो-खो में प्राची की टीम ने दीपाली की टीम को हराकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। बालीबाल में दिव्यानी की टीम ने प्रशंसा की टीम को 25-20, 25-21 से हराया। लंबीकूद में रुचि नागर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। चेस में रेणुका ने अस्मिता को हराकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। कैरम में स्मृति की टीम ने रीता की टीम को हराया। श्री सिंह ने बताया कि पुरुष वर्ग में छात्रों ने भी बढ़चढ़कर की भागीदारी की। बॉलीबाल में प्रखर त्यागी की टीम ने निखिल की टीम को हराकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। पावर लिफ्ंिटग में विकास पचौरी ने 295 किग्रा के उठाकर बाजी मारी, तो वहीं आदित्य जायसवाल 275 किग्रा के साथ दूसरे स्थान पर रहे। सौ मीटर दौड़ में करण कुमार ने प्रथम तथा अमन को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। बेडमिंटन (डबल) रोशन व शिवानंद को प्रथम तथा ऋषभ व प्रखर को दूसरा स्थान मिला। विवि में आयोजित उत्सव-20 में विद्यार्थियों ने पूरे जोश एवं उत्साह के साथ भागीदारी कर रहे हैं। कई विद्यार्थियों ने अपनी जीत को अपनी साथी खिलाड़ी को समर्पित कर दिया।

                समापन समारोह में राष्ट्रीय भक्ति से ओतप्रोत लघुनाटिका का मंचन किया गया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इस अवसर पर प्रस्तुत पर सामूहिक नृत्य ने सभी को रोमांचित किया। इस दौरान कुलपति श्री शरद पारधी, प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या, कुलसचिव श्री बलदाऊ देवांगन, विभागाध्यक्ष एवं समस्त विवि परिवार एवं शांतिकुंज एवं ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


Write Your Comments Here:


img

एक वर्षीय साधना की पूर्णाहुति

ग्राम sidhru में गायत्री जयन्ती एवं गंगा दशहरा के उपलक्ष्य पर एक वर्षीय साधना करने वाले परिजनों ने सामुहिक पूर्णाहुति रूड़की से आये श्री प्रेमप्रकाश जी नवीन त्यागी जी द्वारा गायत्री क्या है क्यों जपना चाहिये।विषय पर प्रवचन दिया।एवं करुणा.....

img

गर्भवती माताओं के लिए गायत्री परिवार, राजस्थान द्वारा 9 दिवसीय निःशुल्क ONLINE शिविर

गर्भवती माताओं के लिए गायत्री परिवार, राजस्थान  द्वारा विशेष 9 दिवसीय  निःशुल्क ONLINE शिविर का आयोजन दिनांक- 25 जून  से  03 जुलाई  2021समय- दोपहर 3:00 बजे से 4:00pm प्रश्नोत्तरी - 4:00 से 4:30pm  Join Zoom Meeting  https://zoom.us/j/3217808161?pwd=amZVc1RpMktJNCtxTmxlUUFOUFNIZz09Meeting ID: 3217808161Passcode: 12345  कृपया.....

img

गायत्री परिवार ने 2500 घरों में किया एक साथ गायत्री यज्ञ

बलरामपुरअखिल विश्व गायत्री परिवार शाँन्तिकुञ्ज हरिव्दार के आवाहन पर पावन बुध्दिपूर्णिमा के शुभ अवसर पर एक साथ, एक समय {संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्। देवा भागं यथापूर्वेसञ्जानाम उपासते॥} वैदिक सूत्र को साकार करते हुए विश्वव्यापी संकट के शमन हेतु.....