Published on 2020-03-18
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बलिया। उत्तर प्रदेश

18 फरवरी को गायत्री शक्तिपीठ महावीर घाट पर आयोजित कार्यकर्त्ता सम्मेलन आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता शान्तिकुञ्ज के वरिष्ठ प्रतिनिधि श्रद्धेय श्री वीरेश्वर उपाध्याय जी ने परम पूज्य गुरुदेव द्वारा बताए जीवन साधना के बहुमूल्य सूत्र प्रदान किए। शान्तिकुञ्ज प्रतिनिधि ने कहा कि मनुष्य जीवन को मामूली प्रयास से सार्थक बनाया जा सकता है, बस मन एवं भावनाओं को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। यह मनुष्य के विवेक पर निर्भर है कि वह देवत्व का आचरण करे या पशुत्व का। उन्होंने गायत्री उपासना को मन और भावनाओं पर नियंत्रण स्थापित करने का सर्वोत्तम साधन बताया। कार्यकर्त्ता सम्मेलन में जिले के सभी 17 ब्लॉक के 107 प्रज्ञा मण्डल, महिला मण्डल एवं 125 झोला पुस्तकालय से जुड़े कार्यकर्त्ताओं ने भाग लिया। श्रद्धेय श्री उपाध्याय जी ने कार्यकर्त्ताओं का आचार, विचार, व्यवहार कैसा हो, इस पर भी सारगर्भित प्रकाश डाला। उन्होंने युग निर्माण के अभीष्ट प्रयोजन में सफलता के लिए किए गए परोपकार का महिमा मण्डन न करने और विचार- व्यवहार के बीच एकरूपता रखने की प्रेरणा दी। सम्मेलन में उत्तर ज़ोन प्रभारी शान्तिकुञ्ज प्रतिनिधि श्री रामयश तिवारी, सौरभ शर्मा, प्रशेन सिंह के अलावा उपज़ोन प्रभारी बहिन शिवम्दा सिंह, शक्तिपीठ व्यवस्थापक श्री विजेन्द्र चौबे आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।


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