Published on 2022-09-16
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अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर सेमाननीया राष्ट्रपति जी का अभिनन्दनकरते देव संस्कृति विवि. के प्रतिकुलपतिआदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी

राष्ट्रीय उत्कर्ष हेतु चरित्र निर्माण एवंसांस्कृतिक चेतना के उन्नयन में युगऋषिपरम पूज्य गुरूदेव के युग निर्माण आन्दोलनका अद्वितीय योगदान है। युग की ज्ञानगंगोत्रीशान्तिकुञ्ज और देव संस्कृति विश्वविद्यालयअपने आराध्य, संरक्षक, मार्गदर्शक की सूक्ष्मप्रेरणा और संरक्षण में निरन्तर इस कार्य मेंसंलग्न है। गायत्री परिवार अपनी अहर्निशसक्रियता से करोड़ों लोगों का जीवन बदलरहा है। विश्व मनीषा भी गहराई से यह बातअनुभव कर रही है कि जनमानस को बदलेबिना विश्व का कल्याण संभव नहीं।देव संस्कृति विश्वविद्यालय केप्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्याजी एक ओर अपने सघन प्रवास से राष्ट्र-चेतना जागरण के लिए सतत प्रयत्नशील हैं,वहीं जब भी अवसर मिलता है, समाज केपुरोधाओं व राष्ट्र के कर्णधारों को भी परमपूज्य गुरूदेव की विचारधारा का स्मरण करातेऔर उन्हें अपनी गतिविधियों से अवगत करातेरहते हैं। इसी क्रम में विगत दिनों वे दिल्लीप्रवास पर थे, जहाँ उनकी राष्ट्रपति महोदयाएवं कुछ अन्य गणमान्यों से मुलाकात हुई।आदरणीय डॉ. चिन्मय जी भारत कीराष्ट्रपति माननीया श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी सेशिष्टाचार भेंट हेतु राष्ट्रपति भवन पहुँचे।उनके देश के सर्वोच्च पद पर प्रतिष्ठित होनेके बाद गायत्री परिवार के शीर्ष प्रतिनिधि सेउनकी यह पहली मुलाकात थी। शान्तिकुञ्जप्रतिनिधि ने उन्हें श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी,श्रद्धेया शैल जीजी तथा अखिल विश्व गायत्रीपरिवार की ओर से शुभकामनाएँ प्रदान कीं।उन्होंने परम वन्दनीया माताजी के जन्मशताब्दीवर्ष-2026 तथा ‘नारी सशक्तीकरण वर्ष’के संदर्भ में गायत्री परिवार की सक्रियता सेअवगत कराया। माननीया राष्ट्रपति जी कोशान्तिकुञ्ज, देव संस्कृति विश्वविद्यालयपधारने के लिए आमंत्रित भी किया।


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