Published on 2023-01-23
img

स्वामी विवेकानन्द जी एक महान योद्धा सन्यासी थे, जिन्होंने तरह-तरह की सामाजिक बुराइयों से लड़ते हुए एक नया आयाम स्थापित किया। उनके विचारों ने मानवता को प्रतिकूलताओं से संघर्ष करते हुए सत्य, प्रेम और न्याय की ओर निरंतर अग्रसर होने का हौसला दिया। वे सभी जीवों में परमात्मा का अस्तित्व देखते थे और उसी भाव के साथ मानवता के उत्थान के लिए सक्रिय रहे। स्वामी जी भारतीय संस्कृति के सच्चे प्रतिनिधि थे, वे भारत की संस्कृति के कण-कण में बसे हैं। उनके अनुभूत कार्यों की परिकल्पना करना भी एक सुखद आश्चर्य होता है। अखिल विश्व गायत्री परिवार के पथ प्रदर्शक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी ने उपरोक्त भावों के साथ स्वामी विवेकानंद जी को उनकी जयन्ती (12 जनवरी 2023) के दिन याद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वामी जी जैसे महान और चरित्र बल के धनी व्यक्ति कभी-कभी आते हैं। स्वामी जी के विचारों को आत्मसात करने से हम स्वयं भी ऊँचा उठेंगे और दूसरों का भी मार्ग प्रशस्त कर पायेंगे। आज ऐसे प्रतिभावान व कर्मठ युवाओं की जरूरत है, जो नि:स्वार्थ भाव से राष्ट्र के विकास के लिए कार्य कर सकें।कुलाधिपति जी ने कहा कि आज की सबसे बड़ी संपदा युवा वर्ग है, इन्हें सही मार्गदर्शन एवं वातावरण मिल जाये तो वे हवा का रूख भी मोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं।शान्तिकुञ्ज, देव संस्कृति विश्वविद्यालय एवं गायत्री विद्यापीठ में युवा चेतना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस उपलक्ष्य में तीनों स्थानों पर विविध कार्यक्रम, संगोष्ठियों का आयोजन हुआ। इनमें अनेक वक्ताओ ने स्वामी विवेकानन्द जी के व्यक्तित्व और विचारों का स्मरण कराया। प्रात:काल जनजागरण शोभायात्रा का भी आयोजन हुआ। श्रद्धेया शैल जीजी ने स्वामी जी के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व से युवाओं को प्ररेणा लेने का संदेश दिया। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने भी वीडियो संदेश तथा विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों से स्वामी जी के जीवन की विशेषताओं को अपनाने की प्रेरणा देशवासियों को दी। 


Write Your Comments Here:


img

प्रशंसनीय पहल झूठन न छोड़ने की शपथ दिला रहे हैं

कई पार्षद, गणमान्यों ने भी ली शपथजयपुर। राजस्थानगायत्री परिवार जयपुर ने लोगों को झूठन न छोड़ने की प्रेरणा देने और संकल्प दिलाने का अभियान प्रारम्भ किया है। गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी और गायत्री चेतना केन्द्र मुरलीपुरा ने इसकी शुरूआत मुरलीपुरा के.....

img

कारागार में गायत्री ज्ञान मंदिर की स्थापना

बंदियों को ऊर्जा दे रहा है नियमित साप्ताहिक स्वाध्यायसतना। मध्य प्रदेश : स्थानीय गायत्री परिवार केंद्रीय कारागार सतना में महिला एवं पुरूष बंदियों के बीच रविवासरीय स्वाध्याय का क्रम चल रहा है। 19 फरवरी को स्वाध्याय में 51 महिला बंदी.....

img

महिला एवं बाल विकास विभाग और आँगनबाड़ी केन्द्रों द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन

अलवर। राजस्थान सुघड़, स्वस्थ, संस्कारवान संतान की चाह किसे नहीं होती। गायत्री परिवार की अलवर शाखा गर्भवती माताओं की इस चाह को पूरा करने के लिए क्रान्तिकारी अभियान चला रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग और आँगनबाड़ी केन्द्रों की संचालिका.....