Published on 2023-01-23
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प्राकृतिक एवं वैकल्पिक चिकित्सा से समग्र स्वास्थ्य के लिए परम पूज्य गुरूदेव के बताये सूत्रों को अपनाते हुए देव संस्कृति विश्वविद्यालय में दिनांक 18 से 25 दिसम्बर 2022 की तिथियों में शरीर शुद्धि, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिविर सम्पन्न हुआ। 10 राज्यों से आए 108 लोगों ने इसका लाभ लिया। योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के विभिन्न पद्धतियों का प्रयोग से ही उनके मधुमेह, मोटापा, कब्ज, गैस, एसिडिटी, रक्तचाप, हृदय रोग, दमा, जोड़ों का दर्द, वेरीकोज वेन, कमर दर्द, गर्दन दर्द, आँखों में जलन, त्वचा रोग, महिला व पुरूष के गुप्तरोग, अनिद्रा, तनाव, चिन्ता, मानसिक रोग इत्यादि की सफल चिकित्सा की गई। यह शिविर पूर्णआवासीय था। चिकित्सा के लिए विभिन्न आसन, जलनेति, रबर नेति, कुंजल क्रिया, कपालभाति के साथ मिट्टी पट्टी, कटि स्नान, रीढ़ स्नान, हस्तपाद स्नान, भाप स्नान, मिट्टी स्नान, एनिमा व शंख प्रक्षालन जैसी क्रियाएँ अपनाई गइर्ं। सात दिनों तक पूर्ण प्राकृतिक आहार की व्यवस्था थी, जिसमें रसाहार, फलाहार, अमृत आहार का ही प्रयोग हुआ। इस शिविर के प्रतिभागियों को आश्चर्यजनक लाभ मिले। उनका वजन लगभग 8 से 10 किलो घटा। घुटने का दर्द, कमरदर्द, कब्ज आदि में पूर्णतया लाभ प्राप्त हुआ


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