Published on 2023-03-03
img

पासीघाट। अरुणाचल प्रदेशपरम पूज्य गुरुदेव एवं परम वन्दनीया माताजी के प्रति अनन्य आस्था रखने वाले श्री जितेन्द्र कुमार द्विवेदी, मुख्य अभियंता सीमा सड़क संगठन, परियोजना ब्रह्मांक को भारत सरकार द्वारा विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें विगत गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने प्रदान किया। श्री जीतेन्द्र कुमार द्विवेदी ने अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में विगत वर्ष में बेहतरीन कार्य का प्रदर्शन करते हुए कई परियोजनाओं को त्वरित गति से पूरा किया। इनमें से प्रमुख है सियोम स्टील आर्च ब्रिज। इस ब्रिज का राष्ट्र को समर्पण माननीय रक्षा मंत्री जी द्वारा हाल ही में 3 जनवरी को किया गया ’ इन्होंने नॉर्थ ईस्ट मौसम के लिए खास नईं रोड कंस्ट्रक्शन तकनीक,उ४३ ंल्ल िऋ्र३ को भी विकसित किया एवं रोड कंस्ट्रक्शन की गति और गुणवत्ता बढ़ाने के किए कई अन्य नई तकनीकियों का उपयोग किया। पूर्वोत्तर भारत में मिशन की विचारधारा के प्रचार और प्रसार में श्री जीतेन्द्र कुमार द्विवेदी का सराहनीय योगदान रहा है। शान्तिकुञ्ज से श्रद्धेय डॉक्टर प्रणव पण्ड्या जी एवं देसंविवि के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय जी ने उनकी इस सफलता पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्ति करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएँ प्रदान कीं


Write Your Comments Here:


img

समाज को सकारात्मकता एवं सृजनात्मक उत्कृष्टता की ओर प्रेरित करते कार्यक्रम

पीड़ित युवतियों के उत्थान के प्रयासरेस्क्यू फाउण्डेशन में जाकर मनाया जन्मदिवसबोरीवली, मुंबई। महाराष्ट्ररेस्क्यू फाउंडेशन देह व्यापार से छुड़ाई गई युवा लड़कियों के पुनर्वास के लिए काम करने वाली स्वयंसेवी संस्था है, जो पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय है। दिया, मुम्बई के.....

img

1126 जोड़ों का सामूहिक विवाह संस्कार

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश श्रम विभाग प्रयाजराज की ओर से दिनांक 13 मार्च को सामूहिक विवाह का विशाल समारोह आयोजित किया गया। माघ मेला, परेड ग्राउण्ड में आयोजित इस संस्कार समारोह में 1126 जोड़ों ने और 18 मुस्लिम जोड़ों ने गृहस्थ.....

img

छत्तीसगढ़ में नारी सशक्तीकरण के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण

‘विजन 2026’ के साथ हो रहे हैं कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के प्रान्तीय संगठन द्वारा ‘विजन-2026’ को लेकर 11 मार्च से 25 अप्रैल 2023 तक बहिनों का ऑनलाइन प्रशिक्षण शिविर चलाया जा रहा है। यह प्रशिक्षण परम वंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी वर्ष.....