Published on 2023-04-02
img

प.पू. गुरुदेव के आगमन की स्मृति में आयोजित 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शान्तिकुञ्ज प्रतिनिधि ने दिया संदेश
घेगाँव, खरगोन। मध्य प्रदेशपरम पूज्य गुरुदेव 50 वर्ष पूर्व अपने निमाड़ प्रवास में घेगाँव गये थे। उनके स्नेह और अनुदानोंके परिणाम से इस गाँव ने शान्तिकुञ्ज को सुप्रसिद्ध युगगायक श्री गोविंद पाटीदार (काकाजी) एवं श्री लक्ष्मीचंद राठौड़ के रूप में कर्मठ जीवनदानी दिए। उनका पूरा परिवार मिशन की सेवा कर रहा है। इतना ही नहीं, निमाड़ क्षेत्र ने 25-30 जीवनदानी कार्यकर्त्ता शान्तिकुञ्ज को दिए हैं। पूरा निमाड़ मिशन की दृष्टि से अत्यंत जीवन्त और जाग्रत् क्षेत्र है। घेगाँव वासियों ने परम पूज्य गुरुदेव के दिव्य अनुदानों के प्रति अपनी गहन आस्था व्यक्त करते हुए दिनांक 1 से 4 मार्च 2023की तिथियों में उनके आगमन का स्वर्ण जयन्ती महोत्सव मनाया। 108 कुण्डीय यज्ञ एवं संस्कार महोत्सव के साथ अनेक कार्यक्रमों में क्षेत्र के अद्वितीय समर्पण भाव के दर्शन हुए। यह मात्र चार दिवसीय कार्यक्रम ही नहीं था, इसके माध्यम से विगत दो माह में 108 गाँवों में सघन जनजागरण अभियान भी चलाया गया। गुरुसत्ता के प्रतिनिधि के रूपमें शान्तिकुञ्ज से आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी के घेगाँव में पहुँचने से पूरा क्षेत्र भावविभोर हो गया। गाँववासियों के स्नेह और पुरुषार्थ को  देखकर डॉ. चिन्मय जी भी अभिभूत थे। उन्होंने दीपयज्ञ के समय गाँववासियों, विशेषकर युवाओं के पुरुषार्थ की सराहना करते हुए कहा, ‘‘युवावस्था मानव जीवन का वह वसंत काल है, जब विधाता की दी हुई सारी शक्तियाँ सहस्त्रधारा बनकर फूट पड़ती हैं। हर मन उमंग और उत्साह से परिपूर्ण होता है। आज राष्ट्र युवा चेतना के उन स्वरों को खोज रहा है, जिनमें समग्र क्रान्ति एवं नए इतिहास की रचना का गान प्रस्फुटित होगा। अपना मूल्य समझो और विश्वासकरो कि तुम संसार के सबसे महत्त्वपूर्ण व्यक्ति हो। राणा, शिवा, भगतसिंह और झाँसी की रानी के वक्त का मंत्र पढ़ो। अब 21वीं सदी में उज्ज्वल भविष्य के लिए चाहिए तुम्हारे समग्र जीवन का रूपान्तरण।’’यज्ञ की पूर्णाहुति के दिन आदरणीय डॉ.चिन्मय जी ने गायत्री और यज्ञ का दर्शन समझाया। उन्होंने कहा कि दुर्बुद्धिग्रस्त मानवता को परिष्कृत करने के लिए गायत्री उपासना अनिवार्य है। जैसे गंगा स्नान से पवित्रता, शान्ति, शीतलता, आर्द्रता को हृदयंगम करने की प्रेरणा मिलती है, वैसे ही यज्ञ से तेजस्विता, प्रखरता, परमार्थपरायणता एवं उत्कृष्टता का प्रशिक्षण मिलता है। जिन घरों में और जिन स्थानों में यज्ञ होते हैं, वह भी एक प्रकार से तीर्थ बन जाते हैं। कार्यक्रम संचालन शान्तिकुञ्ज से पहुँची सर्वश्री परमानन्द द्विवेदी, गोविंद पाटीदार दिनेश पटेल, ओंकार पाटीदार, बसंत यादव, मायाचंद भारद्वाज, मंगल गढ़वाल की टोली ने किया।
गुरुस्मारकों का लोकार्पण्घेगाँव के स्वर्ण जयन्ती समारोह में परम पूज्य गुरुदेव एवं परम वंदनीया माताजी के पावन स्मारक ‘प्रखर प्रज्ञा -सजल श्रद्धा’ सहित एक टीनशेड का निर्माण कराया गया है। आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने इनका लोकार्पण किया। इस अवसर पर घेगाँव के मूल निवासी एवं वर्तमान में भोपाल में रह रहे प्राणवान कार्यकर्त्ता एवं मुख्य दानदाता डॉ. शंकरलाल पाटीदार विशेष रूप से उपस्थित रहे


Write Your Comments Here:


img

समाज को सकारात्मकता एवं सृजनात्मक उत्कृष्टता की ओर प्रेरित करते कार्यक्रम

पीड़ित युवतियों के उत्थान के प्रयासरेस्क्यू फाउण्डेशन में जाकर मनाया जन्मदिवसबोरीवली, मुंबई। महाराष्ट्ररेस्क्यू फाउंडेशन देह व्यापार से छुड़ाई गई युवा लड़कियों के पुनर्वास के लिए काम करने वाली स्वयंसेवी संस्था है, जो पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय है। दिया, मुम्बई के.....

img

1126 जोड़ों का सामूहिक विवाह संस्कार

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश श्रम विभाग प्रयाजराज की ओर से दिनांक 13 मार्च को सामूहिक विवाह का विशाल समारोह आयोजित किया गया। माघ मेला, परेड ग्राउण्ड में आयोजित इस संस्कार समारोह में 1126 जोड़ों ने और 18 मुस्लिम जोड़ों ने गृहस्थ.....

img

छत्तीसगढ़ में नारी सशक्तीकरण के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण

‘विजन 2026’ के साथ हो रहे हैं कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के प्रान्तीय संगठन द्वारा ‘विजन-2026’ को लेकर 11 मार्च से 25 अप्रैल 2023 तक बहिनों का ऑनलाइन प्रशिक्षण शिविर चलाया जा रहा है। यह प्रशिक्षण परम वंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी वर्ष.....