img

समस्त हिंसा, द्वेष, बैर, और विरोध की भीषण लपटें दया का संस्पर्श पाकर शांत हो जाती है। 


आत्मीयता को जीवित रखने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि गलतियों का उदारतापूर्वक क्षमा करना सीखें। 

परमात्मा सत्ता की सर्वज्ञता एवं सर्वव्यापकता के विश्वास पर जो जितना ही दृढ़ होगा, उतना ही उसे परमात्मा का निमय और न्याय स्मरण रहेगा। 

आत्मा- विश्वास बड़ी चीज है। वह रस्सी को सांप और सांप को रस्सी बना सकने में समर्थ है। 

अध्यात्म मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए सबसे बड़ी आवश्यकता है- व्यक्तित्व का परिष्कार। 

विचार मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति है। अपने चिंतन का मात्र रचनात्मक एवं उच्च स्तरीय विचारों में ही संलग्न रखें। 

अंतरात्मा के जिज्ञासु को चाहिए कि वह मन के कोलाहल की ओर से कान मूँदकर अंतरात्मा की आवाज सुनने का अभ्यास करें। 

सद्गुण चिथड़ो में भी उतने ही चमकते हैं, जितने कि मुखमली वेशभूषा में। 

अपनी प्रसन्नता को दूसरों की प्रसन्नता में लीन करने का नाम ही प्रेम है।

भगवान् अगर किसी को मुसीबत भी देता है, तो किसी अच्छे उद्देश्य के लिए देता है।


Write Your Comments Here:


img

सद्विचार (पं० श्री राम शर्मा आचार्य)

जहाँ व्यक्ति का मिथ्या अहंकार समाप्त हो जाता है, वहाँ उसकी गरिमा आरंभ होती है। फूलों की सुगन्ध हवा के प्रतिकूल नहीं फैलती, पर सद्गुणों की कीर्ति दसों दिशाओं में फैलती है। अध्यात्म एक नकद धर्म है, जिसे मात्र आत्मशोधन की तपश्चर्या.....

img

सद्विचार (पं० श्री राम शर्मा आचार्य)

भगवान आदर्शो श्रेष्ठताओं के समुच्चय का नाम है। सिद्धान्तों के प्रति मनुष्य के जो त्याग और बलिदान हैं, वस्तुतः वही भगवान की भक्ति है। जाग्रत आत्माएँ कभी अवसर नही चूकतीं हैं। वे जिस उद्देश्य को लेकर अवतरित होती हैं, उसे पूरा किये.....

img

सद्विचार (पं० श्री राम शर्मा आचार्य)

आलस्य से बढ़कर अधिक समीपवर्तीं शत्रु दूसरा नहीं।घमण्डी के लिए कहीं कोई ईश्वर नहीं, ईर्ष्यालु का कोई पड़ोसी नहीं और क्रोधी का कोई मित्र नहीं।मनुष्य परिस्थितियों का दास नहीं, वह उनका निर्माता, नियंत्रणकर्ता और स्वामी है। परमेश्वर का प्यार केवल सदाचारी.....