img

आरोग्य परम लाभ है। संतोष परम धन है। विश्वास परम बंधु है। आत्म परम पुरुषार्थ है। 


जैसे शारीरिक व्यायाम करने से देह पुष्ट होती है, वैसे ही उपासना, साधना, आराधना द्वारा मनोबल बढ़ता है।

जहाँ सच्चा प्रेम है- आत्मीयता है, वहाँ त्याग, उसर्ग और बलिदान की भावना होना अनिवार्य है। 

सबसे उत्तम समय है, जो तुम्हारे हाथ में है। 

प्रयास बिना सब असंभव है, प्रयास और युक्ति से सब संभव है। 

सच्ची अहिंसा में इतनी शक्ति है कि भीषण से भीषण हिंसा उसके मुकाबले में टिक नहीं सकती।

सन्मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति की सच्ची परीक्षा कठिनाइयों में ही होती है।

अपने विश्वास की रक्षा करना प्राण रक्षा से भी बहुत अधिक मूल्यवान् है। 

जो आलस्य और कुकर्म से जितना बचता है, वह ईश्वर का उतना ही बड़ा भक्त है।

जीवन एक परीक्षा है, उसे उत्कृष्ट की कसौटी पर ही सर्वत्र कसा जाता है। यदि खरा साबित न हुआ जा सके, तो समझना चाहिए कि प्रगति का द्वार अवरुद्ध है।

संसार में सच्ची शांति शस्त्रों में नहीं वरन् ईमानदारी से प्राप्त होती है।


Write Your Comments Here:


img

सद्विचार (पं० श्री राम शर्मा आचार्य)

जहाँ व्यक्ति का मिथ्या अहंकार समाप्त हो जाता है, वहाँ उसकी गरिमा आरंभ होती है। फूलों की सुगन्ध हवा के प्रतिकूल नहीं फैलती, पर सद्गुणों की कीर्ति दसों दिशाओं में फैलती है। अध्यात्म एक नकद धर्म है, जिसे मात्र आत्मशोधन की तपश्चर्या.....

img

सद्विचार (पं० श्री राम शर्मा आचार्य)

भगवान आदर्शो श्रेष्ठताओं के समुच्चय का नाम है। सिद्धान्तों के प्रति मनुष्य के जो त्याग और बलिदान हैं, वस्तुतः वही भगवान की भक्ति है। जाग्रत आत्माएँ कभी अवसर नही चूकतीं हैं। वे जिस उद्देश्य को लेकर अवतरित होती हैं, उसे पूरा किये.....

img

सद्विचार (पं० श्री राम शर्मा आचार्य)

आलस्य से बढ़कर अधिक समीपवर्तीं शत्रु दूसरा नहीं।घमण्डी के लिए कहीं कोई ईश्वर नहीं, ईर्ष्यालु का कोई पड़ोसी नहीं और क्रोधी का कोई मित्र नहीं।मनुष्य परिस्थितियों का दास नहीं, वह उनका निर्माता, नियंत्रणकर्ता और स्वामी है। परमेश्वर का प्यार केवल सदाचारी.....