img

16-17 जून को केदारनाथ क्षेत्र में आई विनाशकारी आपदा में बेघर हुए चयनित लोगों को आवास मुहैया कराने में शांतिकुंज जुटा हुआ है। इसी कड़ी में शांतिकुंज से तीन वाहन में मकान बनाने के लिए लोहे एंगल, दरवाजे, खिड़की आदि सामान लेकर दल को रवाना किया गया। यह दल रुद्रप्रयाग जिले नागडाडा, सारीग्वाड गाँव के 17 परिवारों हेतु आवास बनायेगा।राहत दल के भाइयों को संस्था प्रमुख शैल दीदी एवं गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने मंगल तिलक कर विदाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में रह रहे पहाड़ के अपने भाइयों की पीड़ा को कम करने के लिए गायत्री परिवार सदैव तत्पर है। युगऋषि पूज्य पं० श्रीराम शर्मा आचार्य के आदर्श सूत्रों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी थकान और सुविधा की चिंता किये बगैर राहत दल जुटा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ त्रासदी से बेघर हुए चयनित लोगों को राहत देने का क्रम आगे भी जारी रहेगा। यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाना प्रस्तावित है।        दल को शांतिकुंज आपदा राहत प्रकोष्ठ के प्रभारी श्री गौरीशंकर शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शांतिकुंज पीड़ितों की सेवा करने के लिए सदैव तत्पर है। शांतिकुंज 17 जून से ही सेवा कार्य में जुट गया था, तब से लेकर विनाशकारी त्रासदी से पीड़ित लोगों की सेवा में अनवरत संलग्र है। गायत्री परिवार अब तक टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग जिले के 54 परिवारों हेतु आवास बना चुका है। इसके अलावा 6 स्कूलों  हेतु क्लास रूम, रसोईघर, प्रार्थना सभागार तथा कई सार्वजनिक भवनों का निर्माण कार्य कराये गये हैं। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी से पीड़ित परिवार के लिए निःशुल्क कुटीर उद्योग का प्रशिक्षण भी शांतिकुंज, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के छोटे-छोटे उद्योग का भी सिखाने का क्रम प्रारंभ किया गया है।


Write Your Comments Here:


img

उत्तराखंड राहत कार्यों में हुए शहीदों को दी श्रद्धांजलि, परिवारी जनों को सहयोग - २० शहीदों के परिवारों को दिया गया २-२ लाख रुपये का अनुदान

सरदार पटेल की कर्मभूमि-बारडोली में हुतात्माओं का सम्मान२० शहीदों के परिवारों को दिया गया २-२ लाख रुपये का अनुदानहमारा समाज उन जाँबाज नौजवानों का सदा ऋणी रहेगा, जो अपने देश और देशवासियों की भलाई के लिए अपना सर्वोच्च त्याग-बलिदान करने.....

img

मकान निर्माण हेतु समान की चौथी खेप रवाना- अगस्त्यमुनि के दो स्कूलों का पुनर्निर्माण कर रहा है शांतिकुंज

शांतिकुंज को नि:स्वार्थ सेवा का पर्याय कहा जाये, तो अतिशयोक्ति नहीं होगी, कारण कि केदारनाथ त्रासदी को करीब पाँच महीना होने के बाद भी शांतिकुंज आज तक राहत कार्य एवं जरूरतमंदों के लिए मकान, स्कूल, सार्वजनिक भवनों आदि के निर्माण.....