शांतिकुंज को नि:स्वार्थ सेवा का पर्याय कहा जाये, तो अतिशयोक्ति नहीं होगी, कारण कि केदारनाथ त्रासदी को करीब पाँच महीना होने के बाद भी शांतिकुंज आज तक राहत कार्य एवं जरूरतमंदों के लिए मकान, स्कूल, सार्वजनिक भवनों आदि के निर्माण कार्य में जुटा हुआ है। अगस्त्यमुनि स्थित ब्लूमिंग पब्लिक स्कूल, तक्षशिला पब्लिक स्कूल सिल्ली एवं जेट्टीमल्ली में मकान बनाने के लिए शांतिकुंज से चौथा दल रवाना हुआ।शांतिकुंज आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ प्रभारी एवं व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा ने दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह दल ब्लूमिंग पब्लिक स्कूल हेतु दो एवं तक्षशिला पब्लिक स्कूल सिल्ली में चार कमरा बनायेगा। एक कमरे की साइज 21 गुणा 40 फिट होगी। इसके अलावा जेट्टीमल्ली गाँव में बेघर हुए विनोद सिंह, देवेन्द्र सिंह, अमरसिंह, प्रताप, प्रेमसिंह, लक्ष्मण, नरेन्द्र, राकेश, बलबंत, शिवलाल, हरिनाथ, जगदीश सिंह आदि के लिए भी मकान बनायेगा। जेट्टीमल्ली गाँव मुख्य सड़क से दो किमी नीचे है, जहाँ काफी दिक्कतों का सामना करते हुए स्ट्रक्चर, सीमेंट, रेत, बजरी, पत्थर आदि पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण की इस चौथी खेप में तीन 709 टाटा वाहन में स्ट्रक्चर व अन्य सामान भेजा गया है। श्री शर्मा ने कहा कि केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के कारण मंदिर के निकट व तीन किमी ऊपर स्थित लिंचोली में नि:शुल्क भोजनालय चलाकर शांतिकुंज दल कल ही वापस लौटा है। उन्होंने कहा कि हमारे गुरु युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य के सुझाये दिशा-निर्देशानुसार पीड़ितों की सेवा करना शांतिकुंज अपना कर्त्तव्य मानता है।इस अवसर पर केदारनाथ त्रासदी के पुनर्वास हेतु निर्माण कार्य देख रहे इंजीनियर गौरीशंकर सैनी, इंजीनियर गोयल, विजय शर्मा, राकेश जायसवाल, सुधीर भारद्वाज, खिलावन आदि मौजूद थे।


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