सांगली (महाराष्ट्र)पाटीदार भवन, साँगली में 13 से 16 जनवरी की तारीखों में पावन प्रज्ञा पुराण कथा आयोजन सम्पन्न हुआ। कथा व्यास शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री अशोक ढोके की टोली ने गायत्री के युगशक्ति स्वरूप के अलावा नारी जागरण, युवा चेतना के जागरण और गृहस्थ जीवन की सुख-शांति में गायत्री साधना के योगदान की चर्चा की। इस कार्यक्रम से उत्साहित परिजनों ने घर-घर गायत्री चेतना के विस्तार का उत्साह दर्शाया। परिणाम स्वरूप घर-घर कलश स्थापना कर पाँच दिवसीय साधना कार्यक्रमों की शृंखला चलाने का निर्णय लिया है। हरेक घर में पाँच दिनों तक कलश रहेगा, उसके सान्निध्य में विभिन्न साधनात्मक कार्यक्रम सामूहिक रूप से सम्पन्न किये जायेंगे। प्रस्तुत कार्यक्रम में ही पूरे वर्ष तक चलाने के लिए कार्यक्रमों का निर्धारण हो गया। अनेक परिजनों ने अपने घर सायंकाल दीपयज्ञ के कार्यक्रम रखने का अनुरोध किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सांगली के बालाजी मंदिर प्रज्ञा पुराण ग्रंथ और कलशों के पूजन के साथ हुआ। श्री मनुभाई पटेल और श्री विनायक होनमोरे ने प्रज्ञापुराण अपने मस्तक पर धारण कर कलश यात्रा की अगुवानी की। अंतिम दिन सांगली, मिरज और कुपवाड के उप महापौर श्री प्रशांत पाटील पधारे, नौ कुण्डीय यज्ञ में भाग लिया और गायत्री चेतना के विस्तार में पूरा-पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। प्रज्ञा पुराण कथा समारोह में पाटीदार समाज के व्यापारी श्री भगवान राव ओंकार, श्री मधुकर जी, श्री सुनील जी सहित तीन-चार सौ लोगों ने भाग लिया। इन सभी ने सांगली में चेतना केन्द्र के निर्माण में भरपूर सहयोग दिया है। उत्साहित हुए वनवासी क्षेत्र के युवाजुलवानिया, बड़वानी (म. प्र.)समीपवर्ती गाँव ओझर में 20 से 24 जनवरी की तारीखों में 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ और प्रज्ञा पुराण कथा का विशाल आयोजिन सम्पन्न हुआ। इसमें आसपास के कई गाँवों के हजारों लोगों ने उपस्थित होकर आत्मकल्याण की दिशा में कदम बढ़ाये। कार्यक्रम सम्पन्न कराने शांतिकुंज से श्री प्रदीप अवस्थी एवं श्री मयाचंद भारद्वाज की टोली पहुँची थी। क्षेत्रीय वनवासी संत श्री डेमनियाभाई ने कथा महोत्सव को संबोधित करते हुए गायत्री को वह कल्पवृक्ष बताया, जिसके अवलम्बन से जीवन का कायाकल्प हो जाता है। उन्होंने इस संदर्भ में अनेक अनुभव सुनाते हुए श्रोताओं में जबरदस्त आस्था का संचार किया। कथा व्यास श्री प्रदीप अवस्थी ने संस्कार परंपरा की ओर ध्यानाकर्षित करते हुए कहा कि राम तो इस धरती पर फिर से पैदा होना चाहते हैं, लेकिन उन्हें कौशल्या सी कोख की तलाश है। आपको लवकुश जैसे बालक चाहिए तो सीता जैसा तप करने की आवश्यकता है। उपजोन संयोजक श्री प्रभाकांत तिवारी ने लोगों को संस्कारवान संतान के निर्माण के लिए परम पूज्य गुरुदेव के वाक्य ‘जो बच्चों को सिखलाते हैं, वैसा ही आचरण यदि हम करने लगें तो यह संसार स्वर्ग बन जाये।’ की ओर ध्यानाकर्षित किया। उन्होंने कहा कि प्रज्ञा पुराण में वह प्रेरणाएँ हैं, जिनको हमें अपने जीवन में उतारना चाहिए और बच्चों को भी वैसा ही बनने की प्रेरणा देनी चाहिए। इस अवसर पर 24 घरों में प्रज्ञापुराण गंथ की स्थापना की गयी। पहले दिन कथा का आरंभ संत सिंगाजी महाराज के मंदिर से हुआ। दीपयज्ञ के अवसर पर हजारों लोगों ने दुष्वृत्तियाँ त्यागने और अच्छाइयाँ अपनाने के संकल्प लिये। कार्यक्रम की पूर्णाहुति 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के साथ हुई। इस अवसर पर ओझर, नागलवाड़ी, बालसमुद, सोल्यापुरा, देवला, जुलवानिया, सागवी नीम, पानवा, धुसगाँव, चौधरीपुरा, भोरवाड़ा सहित आसपास के कई गाँवों से आये लगभग 6000 लोगों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। घर की छतों पर बने हवन कुंडबागपत (उत्तर प्रदेश)वर्षा की विकट चनौतियों के बीच सूझबूझ और साहस के आधार पर ग्राम भागौट में आयोजित 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ और प्रज्ञा पुराण कथा को शानदार सफलता मिली। कार्यक्रम के प्रथम दिन 1000 बहिनों की विशाल कलश यात्रा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। दूसरे दिन हजारों लोगों ने भावविभोर होकर कथा का श्रवण किया। तीसरे दिन से वर्षा ने व्यवधान डाला, यज्ञकुण्ड पानी में डूब गये तो कार्यकर्त्ताओं ने कार्यकर्त्ताओं ने भी शानदार हिम्मत दिखाई। उन्होंने देवमंच के समीप के घरों की छतों पर यज्ञकुण्ड बना लिये। देवमंच से ही कार्यक्रमों का संचालन हुआ और सभी ने पूरे उत्साह के साथ युगऋषि की प्रेरणा पाते हुए सबके मंगल की कामना के साथ यज्ञाहुतियाँ समर्पित कीं। अनोखे 24 कुण्डीय यज्ञ को अद्भुत सफलता मिली। श्री अजीत सिंह, साधुराम, तेजपाल सिंह आदि कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक थे। चेतना केन्द्र का शिलान्यासगुवाहाटी (असम)14 जनवरी-मकर संक्रांति के दिन बेहारबाडी बेलतला में शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री वीरेन्द्र तिवारी द्वारा गायत्री चेतना केन्द्र का शिलान्यास किया गया। पाँच कुण्डीय गयात्री महायज्ञ के साथ यह शिलान्यास हुआ। इस अवसर पर क्षेत्रीय अनेक गणमान्य और गायत्री परिवार के सैकड़ों कार्यकर्त्ता उपस्थित थे। शांतिकुंज प्रतिनिधि ने इस चेतना केन्द्र को परम पूज्य गुरुदेव द्वारा सर्वप्रथम 24 शक्तिपीठों के निर्माण के संकल्प में से एक बताया। यह संकल्प देश के सुप्रसिद्ध तीर्थों पर शक्तिपीठों की स्थापना का था। श्री तिवारी जी ने आशा व्यक्त की कि यह केन्द्र अपनी सक्रियता से पूरे पूर्वात्तर भारत में अध्यात्म का दिव्य प्रकाश फैलायेगा। इस अवसर पर श्री महेश अग्रवाल, वीरेन्द्र यादव, निर्मल अग्रवाल सहित अधिकांश स्थानीय प्रमुख कार्यकर्त्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन श्री रामशिरोमणि तिवारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। गणतंत्र दिवस:  जिला स्तर पर मिला प्रथम पुरस्कारबुरहानपुर (मध्य प्रदेश) श्रीराम गुरुकुल, बुरहानपुर ने देश के 65वें गणतंत्र दिवस पर आयोजित जिले के मुख्य आयोजन में भाग लेते हुए सर्वोत्तम प्रदर्शन किया। उन्होंने देश की सीमा पर डटे सैनिकों के साहस, शौर्य की शानदार प्रस्तुति की। उन्होंने कार्यक्रमों से समाज के नवनिर्माण में अपनी भागीदारी बढ़ाने की प्रेरणा दी, कठिन से कठिन योगासनों को बड़ी कुशलता से कर दिखाया। उल्लेखनीय है कि ऐसे ही उत्कृष्ट प्रदर्शन से गायत्री परिवार द्वारा चलाये जा रहे श्रीराम गुरुकुल के विद्यार्थी पिछले तीन वर्षों से लगातार प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में जिले के कई प्रतिष्ठित विद्यालय भाग लेते हैं। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा : राजसमंद राजस्थान में सबसे आगेराजसमंद (राजस्थान)भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा जिला समिति राजसमंद ने अखिल विश्व गायत्री परिवार और शिक्षा विभाग राजसमंद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गयी वर्ष 2013 की परीक्षा में प्रदेश में सर्वाधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल करने का गौरव हासिल किया। इस उपलक्ष्य में समिति को गायत्री शक्तिपीठ जयपुर में आयोजित समारोह में राजस्थान के शिक्षा मंत्री श्री कालीचरण सर्राफ ने सम्मानित किया। इस अवसर पर शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री रमाकांत आमेटा, पुष्कर जोन प्रभारी श्री घनश्याम पालीवाल, शक्तिपीठ राजसमंद के व्यवस्थापक श्री भँवरलाल पालीवाल सहित कई वरिष्ठ कार्यकर्त्ता उपस्थित थे। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के राजसमंद जिला सचिव श्री गिरजाशंकर पालीवाल के अनुसार राजसमंद जिले के एक लाख आठ हजार पाँच सौ परीक्षार्थी इस वर्ष शामिल हुए थे। अव्वल रहे विद्यार्थीइस समारोह में प्रादेशिक स्तर पर प्रथम रहे राजसमंद जिले के कक्षा 9 के चि. मदन जाट (नवपूजा पब्लिक स्कूल बनेडिया) और चि. पूजा पुर्बिया (रा.उ.प्रा.वि. राज्यावास) ने भी मंत्री महोदय से सम्मान प्राप्त किया। पुरस्कार स्वरूप इन विद्यार्थियों को 2500 रुपये, आकर्षक प्रतीक चिह्न और युग साहित्य प्रदान किये गये। पं.श्रीराम शर्मा आचार्य श्रेष्ठ सेवा शिक्षक सम्मानजिले के सात श्रेष्ठ गुरुजनों को पं. श्रीराम शर्मा आचार्य श्रेष्ठ सेवा शिक्षक सम्मान प्रदान किये गये। यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक हैं-श्री लक्ष्मण गिरि गोस्वामी प्रधानाचार्य कांकरोली, श्री पूनम सिंह प्राध्यापक लसानी, श्री राजेन्द्र कुमार शर्मा व. अध्यापक आगरिया, श्री मनोज कुमार पालीवाल प्रधानाध्यापक सिरोही की भागल, श्री प्रेमलाल जाट अध्यापक कहार खेड़ा, श्री सत्यपाल सिंह मोटसरा मावा का गुड़ एवं श्री रतनलाल सोनी अध्यापक भीम.नये क्षेत्र में हुई पहलतुलसीपुर, बलरामपुर (उ.प्र.)अति पिछड़े ग्राम लालनगर सिपहिया में 11 से 13 जनवरी की तारीखों में 5 कुण्डीय गायत्री यज्ञ एवं पावन प्रज्ञा पुराण की कथा का आयोजन किया गया। यह इस क्षेत्र का यह पहला कार्यक्रम था। यज्ञ के बाद किसानों की गोष्ठी हुई, जिसमें दैवी आपदा का प्रशिक्षण, कुशल खेती के सुगम सूत्र के साथ जीवन जीने की कला आदि युग निर्माणी सूत्र समझाये गये। अन्तिम दिवस श्री सत्यप्रकाश शुक्ल द्वारा मानवीय मूल्यों पर आधारित एवं शांतिकुंज द्वारा संचालित रोजगारपरक शिविरों की भी जानकारी दी गई। दीपयज्ञ की पूर्णाहुति में कई व्यक्तियों ने तम्बाकू, शराब, गुटका इत्यादि छोड़ने का संकल्प लिया। क्षेत्र में जन-जागरण हेतु प्रज्ञा युवा मण्डल एवं महिला मण्डल का गठन किया गया।    कार्यक्रम का संचालन श्री सत्य प्रकाश शुक्ल, श्री राधेश्याम शुक्ल, श्रीराम भारती, श्री कृष्णकुमार पाण्डेय, कु.सरिता शुक्ल एवं कु.नीताञ्जली गोस्वामी द्वारा किया गया।


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