सपना सच हो गया , नेपाल की बाग्मती नदी स्वच्छता महाभियान का ५०वाँ सप्ताह

Published on 2017-12-27

  •  काठमांडु, नेपाल की बाग्मती नदी स्वच्छता महाभियान का ५०वाँ सप्ताह
  •  महामहिम राष्ट्रपति और माननीय डॉ. प्रणव जी भी पहुँचे
  •  गायत्री परिवार और नेपाल सरकार के नैष्ठिक प्रयासों से हुआ कायाकल्प

चमत्कारिक सफलता की पृष्ठभूमि
निर्मल गंगा जन अभियान के अंतर्गत अखिल विश्व गायत्री परिवार ने देश की नौ प्रमुख नदियों पर स्वच्छता महाभियान चलाते हुए नदियों की स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति करोड़ों लोगों को जागरूक किया है। यह योजना और प्रयास कितने प्रभावशाली हैं, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण काठमाण्डु की जीवनधारा-बाग्मती नदी पर चलाये जा रहे स्वच्छता अभियान से देखा जा सकता है। 

३० वर्ष पहले तक बाग्मती का प्रवाह चाँदी की तरह स्वच्छ और निर्मल था। उसी बाग्मती ने एक अत्यंत गंदे नाले का रूप ले लिया। शांतिकुंज के निर्मल गंगा जनआन्दोलन प्रभारी आदरणीय श्री वीरेश्वर उपाध्याय जी एवं श्री केपी दुबे के सेंधवा, मध्य प्रदेश में हुए एक कार्यक्रम में नेपाल का एक प्रतिनिधि मंडल आया। उसे गायत्री परिवार की कार्ययोजना बहुत पसंद आयी। उन्होंने पूछा कि वे नेपाल में क्या कर सकते हैं, तो दुबे जी की १० वर्षों से कचोटती वेदना उभरी। उन्होंने बाग्मती को निर्मल बनाने का प्रस्ताव रखा। 

नेपाल के प्रतिनिधि मंडल ने एक वर्ष पहले अपने प्रयास आरंभ कर दिये। नेपाल सरकार के अधिकारियों को योजना बहुत अच्छी लगी। मई २०१३ में कार्य आरंभ हो गया। शांतिकुंज के तत्त्वावधान में श्री अर्जुन धरेल-एस. ट्रेवेल्स के मालिक, श्री राजू अधिकारी और श्री एलपी भानु शर्मा-विभागाध्यक्ष जीवन विज्ञान के नेतृत्व में स्वच्छता अभियान आरंभ हो गया। 


गायत्री परिवार, नेपाल सरकार और नेपाल की ३२ स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा चलाये जा रहे साप्ताहिक बाग्मती स्वच्छता अभियान का विशेष समारोह २६ अप्रैल २०१४ को काठमांडु के गुह्येश्वरी पीठ क्षेत्र में आयोजित हुआ। यह समारोह स्वच्छता महाभियान के ५० सप्ताह पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। नेपाल के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. रामबरन यादव इस समारोह के मुख्य अतिथि थे। शांतिकुंज से माननीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी ने समारोह में उपस्थित होकर स्वच्छता महाभियान की सफलता पर गौरवबोध करते हुए इसे नेपाल और भारत की नदियों और जलस्रोतों की शुद्धि के लिए अनुकरणीय आदर्श बताया। 

इस समारोह में शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री वीरेन्द्र तिवारी, श्री के.पी. दुबे, श्री सूरज प्रसाद शुक्ल, श्री ओइंद्र सिंह उपस्थित रहे। नेपाल प्रशासन की ओर से श्री सुभाष चंद्र नेवांग-सदन के अध्यक्ष, डॉ. नारायण खड़का-शहरी विकास मंत्री, श्री किशोर थापा-सचिव शहरी विकास मंत्रालय, श्री नारायण रेग्मी-बाग्मती डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष तथा गायत्री परिवार की ओर से बाग्मती स्वच्छता अभियान का नेतृत्व कर रहे डॉ. राजू अधिकारी, श्री अर्जुन धरेल-प्रमुख एस. ट्रैवेल्स, श्री एल.पी. भानु शर्मा-जीवन विज्ञान विभागाध्यक्ष मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
समारोह में प्रेरक उद्बोधनों के बाद हजारों स्वयं सेवकों के साथ समस्त गणमान्यों ने स्वच्छता अभियान में भाग लिया। 

  • नदियों का सीधा संबंध मानवीय सभ्यताओं से जुड़ा है। इनमें केवल जल नहीं, हमारी संस्कृति और आस्था प्रवाहित होती है। इन दिनों नदियों का बढ़ता प्रदूषण मात्र स्वास्थ्य एवं समृद्धि की दृष्टि से ही घातक नहीं है, यह हमारी संस्कृति को भी नष्ट और भ्रष्ट कर रहा है। अखिल विश्व गायत्री परिवार ने इसीलिए निर्मल गंगा जन अभियान के अंतर्गत देश की सभी नदियों और जल स्रोतों की स्वच्छता और उसके लिए जन जागरूकता का अभियान चलाया है। 
    भारत और नेपाल सभ्यता-संस्कृति एक है। इसलिये गंगा की भाँति बाग्मती की पवित्रता जरूरी है। बाग्मती नदी स्वच्छता अभियान की यह सफलता भविष्य में दोनों देशों के संबंध प्रगाढ़ करेगी, परस्पर श्रद्धा और सहयोग का वातावरण बनेगा।
        - डॉ. प्रणव पण्ड्या, प्रमुख प्रतिनिधि शांतिकुंज

  • गायत्री परिवार ने बाग्मती स्वच्छता महाअभियान की प्रेरणा और सहयोग देकर नेपाल राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है, इसके लिए मैं डॉ. प्रणव पण्ड्या जी और समस्त गायत्री परिवार को धन्यवाद देता हूँ। 
       - महामहिम डॉ. रामबरन यादव, राष्ट्रपति, नेपाल



नेपाल प्रवास पर माननीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी की विशिष्ट सभाएँ कार्यकर्त्ता गोष्ठी

२६ अप्रैल को काठमांडु के भृकुटि मंडप राष्ट्रीय सभागार में आदरणीय डॉ. साहब की दो महत्त्वपूर्ण गोष्ठियाँ आयोजित हुईं। पहली गोष्ठी कार्यकर्त्ताओं के लिए थी, जिसमें उन्होंने मिशन को नेपाल के घर-घर तक पहुँचाने के सूत्र समझाये। श्री केशव मरहट्टा सहित नेपाल के प्रमुख कार्यकर्त्ताओं ने इसमें भाग लिया। 

इस गोष्ठी में कुछ महत्त्वपूर्ण निर्णय हुए।  
  • वर्ष २०१५ में वीरगंज नेपाल में गायत्री अश्वमेध महायज्ञ आयोजित करने की घोषणा की गयी।  
  • देव संस्कृति विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए सरकारी अनुमति प्राप्त करने के निर्देश दिये।  
  • गायत्री चेतना केन्द्र निर्माण के लिए भूमिपूजन व शिलापूजन किया। 
इससे पूर्व २५ अप्रैल २०१४ की सायंकाल गायत्री शक्तिपीठ बाँसबाड़ी में भी आद. डॉ. साहब ने परिजनों की गोष्ठी ली। 


सरकार की इच्छाशक्ति

  •  ‘तकनीकी और श्रमिक सहयोग गायत्री परिवार का तथा आर्थिक योगदान सरकार का’ इस आधार पर पूरा स्वच्छता अभियान पिछले एक वर्ष से चल रहा है। नेपाल सरकार ने इसके लिए धन उपलब्ध कराया है। शहरी विकास मंत्रालय शासन और गायत्री परिवार के बीच की कड़ी है। 
  •  सरकार ने इसे अपना राष्ट्रीय अभियान बनाया है।
  •  नेपाल में शनिवार छुट्टी का दिन होता है। पिछले ५० सप्ताह से उस दिन बाग्मती पर स्वच्छता महाभियान चलाया जाता है। लगभग ५००० लोग इसमें भाग लेते हैं।
  •  काठमाण्डु की पशुपतिनाथ विकास समिति, सेना, सरकारी कर्मचारी, स्कूली बच्चे, स्वयंसेवी संस्थाएँ सहित ३२ संस्थाएँ इसमें शामिल होती हैं। 
  •  इच्छा शक्ति हो तो एक छोटा-सा विचार कैसे जन आन्दोलन बन जाता है, इसका जीता-जागता प्रमाण है यह अभियान। ऐसी इच्छा शक्ति हो तो भारत की नदियों को भी निर्मल करना कठिन नहीं है। 


बाग्मती नदी तब और अब

  •  १९ मई २०१३ को बाग्मती स्वच्छता महाभियान का प्रथम दिन था, जिसमें शांतिकुंज के ६५, भारत से गये गायत्री परिवार के ५०० लोगों सहित ५००० लोगों ने भाग लिया। 
  •  तब नदी के जल को स्पर्श करने में घृणा होती थी। वह एक गंदा नाला ही थी। कीचड़ ही कीचड़, कपड़े, शहर की तमाम गंदगी और मांस के लोथड़ों तक को शांतिकुंज प्रतिनिधियों ने साफ किया। 
  •  आज नदी का १४ कि.मी. क्षेत्र पूरी तरह से स्वच्छ कर दिया गया है। तट और घाट साफ हो गये हैं। आगामी तीन-चार महीनों में यह पूरी तरह से निर्मल हो जायेगी। 
  •  नदी में कचरा डालना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। श्री अर्जुन धरेल ने पूरे नगर में ४०-५० कर्मचारी अपनी ओर से लगा रखे हैं, जो यह देखते हैं कि कोई नगरवासी या पर्यटक नदी में कचरा न डाले। कहीं कचरा मिलने पर वे उसे तुरंत साफ करते हैं। 
  •  नदी में सीवर का पानी जाना पूरी तरह से रोक दिया गया है। इसके लिए दोनों ओर समानांतर नाले बनाये गये हैं, जिनका दूषित जल शहर से १४ कि.मी. बाहर जाकर सफाई संयंंत्र में शुद्ध करने के बाद नदी में मिलाया जाता है। 


प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन : हमारा पर्यावरण, हमारे दायित्व 

भृकुटि मंडप राष्ट्रीय सभागार में २६ अप्रैल की सायं नगर के प्रबुद्ध जनों की विशेष सभा आयोजित की गयी। ‘हमारा पर्यावरण, हमारे दायित्व’ विषय पर आयोजित इस सभा को संबोधित करते हुए आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी ने बाहरी पर्यावरण प्रदूषण के मूल-दूषित विचारों को दूर करने के लिए आस्था संवर्धन और सांस्कृतिक चेतना जागरण पर जोर दिया। इस सभा में श्री नारायण खड़का-शहरी विकास मंत्री, डॉ. गोविंद टंडन-मेम्बर सचिव पशुपति डेवलपमेंट बोर्ड, मेयर श्री लक्ष्मण आर्यन आदि कई विशिष्ट विभूतियाँ उपस्थित थीं। 

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