अमेरिका और कनाडा में बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ मने गायत्री जयंती पर्व समारोह

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डनबरी (यूएसए)
कनेक्टिकट राज्य के डनबरी शहर में गायत्री परिवार ने ११ कुण्डीय गायत्री यज्ञ के साथ गायत्री जयंती पर्व मनाया। प्रमुख आयोजक श्रीमती चेतना बेन एवं श्री मोहनभाई तलाटी के अनुसार सौ से अधिक लोगों ने इसमें भागीदारी की। 

स्थानीय शाखा के प्रमुख कार्यकर्त्ता श्री दत्ता पण्ड्या के अनुसार इस यज्ञ में सत्य साईं, साईं निधि और तेलुगु एसोसिएशन, इंडियन एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न सीटी आदि कई आध्यात्मिक-सामाजिक संस्थाओं के प्रमुखों ने भी भाग लिया। कर्मकाण्ड की व्याख्याओं और उससे मिली ऊर्जा की अनुभूतियों से सभी अभिभूत थे। यज्ञ के माध्यम से अध्यात्म के वैज्ञानिक स्वरूप के विस्तार की गायत्री परिवार की योजना को उन्होंने समाज के नवनिर्माण के लिए उपयोगी नहीं, अत्यंत आवश्यक बताया। याजकों ने अपने-अपने समूहों में सामूहिक साधना करने के संकल्प लिये। घर के वातावरण को संस्कारित करने के लिए बलिवैश्व की प्रेरणा ली, भरपूर साहित्य खरीदा। गुरुसत्ता के प्यार और प्रेरणाओं की अनुभूति सतत होती रही। सभी ने एक स्वर से कहा, ‘‘यज्ञ हो तो ऐसा।’’

कलगरी (कनाडा)
गायत्री जयंती पर कलगरी में आयोजित दीपयज्ञ में भाग लेते हुए भारतीय संस्कृति के सैकड़ों अनुयायियों ने ज्ञानगंगा गायत्री के पुनरुद्धारक ऋषि वेदमूर्ति, तपोनिष्ठ पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी को भावभरी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रमुख वक्ता ने उनका परिचय देते हुए बताया कि परम पूज्य गुरुदेव ने धर्म के विज्ञान सम्मत स्वरूप का विस्तार करते हुए सनातन आस्थाओं को पुनर्जीवित किया है। आज विश्वशांति और सर्वतोमुखी प्रगति के लिए उनके विचारों के विश्वव्यापी विस्तार की आवश्यकता है। 
गायत्री जयंती पर कलगरी में तीन घंटे का अखण्ड जप हुआ जिसमें लगभग १०० लोगों ने भाग लिया। जप के बाद हुए दीपयज्ञ में लगभग २५० श्रद्धालु उपस्थित थे। 
यह कार्यक्रम कलगरी गुजराती मंडल के हॉल में आयोजित हुआ। दो बहिनों ने श्रेष्ठ संतति की कामना से पुंसवन संस्कार कराया। कार्यक्रम की सफलता में सर्वश्री मनोजभाई, अरविंदभाई, राकेश शर्मा, सोमाभाई पटेल, हिमांशु हाथी और गुजराती मंडल के श्री महेन्द्रभाई थानकी एवं उनके साथियों का प्रमुख योगदान रहा। 


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