गुरुपूर्णिमा की पूर्व संध्या पर वरिष्ठ वक्ताओं के प्रेरक उद्गार

Published on 2017-12-18



आदरणीय श्री वीरेश्वर उपाध्याय जी
  •  गुरुतत्त्व ज्ञान, तप और संवेदनाओं का समुच्चय है। व्यक्ति यदि ज्ञानी और तपस्वी है, लेकिन उसकी संवेदनाएँ नहीं जगी तो वह उसमें अहंकार जैसे विकार पैदा हो जायेंगे। 
  •  युग के निर्माण के लिए गुरुदेव ने गुरुतत्त्व जगाया, क्योंकि ईश तत्त्व से काम चलने वाला नहीं था। रावण परम ज्ञानी और तपस्वी था, वह ईश (शिवजी) तत्त्व का उपासक था, लेकिन गुरु नहीं होने के कारण वह नष्ट हो गया। 
  •  गुरुदेव ने गुरुतत्त्व जाग्रत् कर दिया, हमें अपने शिष्यत्व को जाग्रत् करना पड़ेगा। अपनी श्रद्धा को इतना विकसित करना होगा कि उनके निर्देश अपने आचरण में उतारने में हमें भारी न दिखने लगें। 

श्री शरद पारधी
  • हमने गुरुदेव की सादगी देखी है, उनकी साधना देखी है, उनका जीवन और खानपान देखा है। उसे देखने के बाद जब मन में उनसे अपने लिए सुख-सुविधाएँ माँगने का ख्याल हमें आत्मशर्मिंदगी से भर देता है। 

श्रीमती यशोदा शर्मार्
  • परम पूज्य गुरुदेव एवं परम वंदनीया माताजी सद्गुरुदेव ही नहीं, हमारे माता-पिता और सबसे अच्छे अभिभावक हैं। उन्होंने हर परिजन को अपना आत्मीय माना। वे हर पल प्यार, प्रोत्साहन और शिक्षण देते रहे। उनके एक वाक्य ने मुझे अपना बना लिया। उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं तेरा बाप हूँ। मैं पहले तेरा पेट भरूँगा, फिर अपने पेट की सोचूँगा। 

श्री केदार प्रसाद दुबे
  • दुनिया ने विकास के एक से एक मॉडल तैयार किये, सुख-सुविधाओं का अंबार लगा दिया, फिर भी मनुष्य जहाँ का तहाँ है, हैरान-परेशान है। परम पूज्य गुरुदेव ही एक ऐसे महामानव हैं जिन्होंने विकास का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया, जिससे स्वर्ग की सृष्टि संभव है। मानवीय आस्थाओं के, विचारों के परिष्कार से ही सुख और स्वर्ग धरती पर उतर सकता है। 


नया साहित्य विमोचन

(अ) पुस्तकें 
 हिंदी - 
  • १. लोकशिक्षकों के जीवन का लक्ष्य और उद्देश्य 
  • २. विवेक के झरोके से (मंगल विजय द्वारा संकलित चिंतनपूर्ण आलेखों का संग्रह)। 
पंजाबी - 
  • गायत्री मंत्र ः एक महाविज्ञान 
नेपाली -
  • १. प्रज्ञा बोध संग्रह और 
  • २. प्रज्ञा कथा संग्रह 
अंग्रेजी - 
  • 1. Thought Revolution 
  • 2. Youth & Present Day Challenges

(ब) शांतिकुंज पंचांग (२०१५)
 

हरिद्वार जिले के विद्यार्थियों की काव्य प्रतियोगिता
११ जुलाई की दोपहर हरिद्वार जिले के विद्यार्थियों की काव्य प्रतियोगिता आयोजित की गयी। इसमें रा.इं.कालेज सुल्तानपुर, आर्य कन्या इंटर कालेज, बाल मं.सी.से.स्कूल सेक्टर दो, जवाहर नवोदय विद्यालय सहित जनपद के पन्द्रह विद्यालयों के कक्षा 10 से 12 के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने गुरुपर्व के उपलक्ष्य में गुरुओं की महत्ता पर काव्य पाठ किया। कविता पाठ में डीपीएस की छात्रा अनुष्का स्वरा को पहला, बाल सदन बहादराबाद की छात्रा उर्वशी व अरबाव को द्वितीय व तीसरा स्थान मिला। तीनों विजेताओं को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।

तरु प्रसाद वितरण
गुरुपर्व पर गुरुधाम आये श्रद्धालुओं को शांतिकुंज की ओर से तरु प्रसाद निःशुल्क वितरित किये गये। हजारों साधकों ने छायादार और फलदार पौध प्राप्त कर वृक्षगंगा अभियान को गति देने के संकल्प लिये।

गुरु-शिष्य संवाद का मंचन
लोकरंजन से लोकमंगल की विधा को अपनाते हुए विश्वामित्र-राम, रामकृष्ण-विवेकानंद, चाणक्य-चन्द्रगुप्त, संवाद का मंचन करते हुए गुरु-गरिमा का सशक्त प्रतिपादन किया गया। 

img

शांतिकुंज के अभियान में भाग लेते हुए पाकिस्तानी जत्थे ने किया वृक्षारोपण

हरिद्वार 20 जुलाई।

अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज ने गुरुपूर्णिमा से श्रावण पूर्णिमा तक वृक्षारोपण माह घोषित किया है। इसके अंतर्गत देश भर में फैले गायत्री परिवार के परिजनों ने भी स्थान-स्थान पर वृहत स्तर पर वृक्षारोपण कर रहा है।

            इसी.....

img

गायत्री परिवार मनासा द्वारा पुस्तक मेला ,व्यसन मुक्ति एवं पर्यावरण बचाओ रैली

12 July, 2017 मनासा :आज गायत्री परिवार मनासा द्वारा शारदा विद्या निकेतन गांव झारडा में स्कूली बच्चों द्वारा व्यसनमुक्ती और पर्यावरण बचाओ की रैली निकाली गई उसके बाद जिन बच्चों का नया एडमिशन हुआ है उनके लिए विद्यारंभ संस्कार किया गया.....