पूरा देश इन दिनों बाढ़ के प्रकोप का शिकार हो रहा है। पिछले दिनों देश के कई इलाके बाढ़ की विकट परिस्थितियों को सामना कर रहे हैं। जिसके समाधान हेतु राज्य सरकारें एवं स्वयं सेवी संस्थाएं अपने- अपने स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। गायत्री परिवार मुख्यालय शान्तिकुञ्ज के मार्गदर्शन में समग्र देश में आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। उत्तराखण्ड के टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी व हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में गायत्री परिवार की आपदा राहत टीमें सतत कार्य कर रही हैं।

हरिद्वार जिले के लक्सर तहसील के रायसी ब्लॉक कलासिया, डूमनपुरी व खानपुर ब्लॉक के शेरपुर बेला गाँव में गंगा का पानी भर जाने से गाँववासियों का जीवन अस्त- व्यस्त हो गया। जिला प्रशासन के अनुरोध पर शांतिकुंज आपदा राहत दल ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे किया। तात्कालिक सहायता के रूप में प्रभावित गाँवों में ५००० भोजन पैकेट बाँटे गये। प्रभावित क्षेत्रों में शांतिकुंज के आपदा राहत दल को जिला प्रशासन ने ३ मोटर वोट उपलब्ध करायी जिसके माध्यम से भोजन व आवश्यक सामग्री सहित १५ सदस्यीय दल ने बाढ़ पीड़ितों की मदद की। शांतिकुंज की टीम के पहुँचने से ग्रामीणों में नवीन आशा का संचार हुआ। गौरतलब है कि पिछले ५ सालों से आपदा प्रभावित गाँवों में स्वच्छता, स्वावलम्बन व वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण देकर आदर्श गाँव बनाने की दिशा में विशेष प्रयास किया जा रहा है। वहीं नई टिहरी से आपदा राहत कार्यों को देख रहे डॉ. वी.एन. जोशी ने बताया कि १५ अगस्त को नागनी गाँव में आयी आपदा से प्रभावित ६० परिवारों को बर्तन, राशन किट, तिरपाल व कपड़े आदि की व्यवस्था की गयी है।

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने बताया कि गाँवों को पूूर्णतः सुरक्षित, स्वच्छ, शिक्षित, स्वावलम्बी व व्यसन मुक्त बनाना ही आदर्श गाँव का मुख्य आधार है। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय का ग्राम प्रबन्धन विभाग आपदा प्रबन्धन दल के साथ मिलकर आदर्श गाँव के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। शांतिकुंज व्यवस्थापक गौरीशंकर शर्मा ने उत्तराखण्ड के टिहरी, पौड़ी व हरिद्वार के आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में चल रही राहत कार्यों की समीक्षा की व तत्काल सहायता की गति बढ़ाने पर विशेष बल दिया। श्री शर्मा ने बताया कि पूरे देश में विभिन्न प्रांतों में बाढ़ से उत्पन्न स्थिति से निपटने हेतु कार्यकर्त्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने को कहा है। गायत्री परिवार की एक टीम उत्तराखण्ड की विश्वविख्यात नंदा देवी राज जात यात्रा में सभी तीर्थ यात्रियों के भोजन एवं चिकित्सा की व्यवस्था बनाने हेतु नौटी पहुँच चुकी है। शांतिकुंज द्वारा यात्रा के महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में भोजन व चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है। इस पूरी व्यवस्था के लिये गायत्री परिवार का २२ सदस्यीय दल लोगों के लिये भोजन, चिकित्सा व आवश्यकतानुसार अन्य सहायता प्रदान कर रहा है।




Write Your Comments Here:


img

केरल में राहत कार्य । घर घर जाकर बांटी जा रही है राहत सामग्री

केरल में आई बाढ़ के प्रकोप से सभी भलीभाँति परिचित हैं। मानव सेवा- माधव सेवा को अपनाते हुए पीड़ित मानवता के दु:ख- दर्द में सदैव साथ दिखाई देने वाले गायत्री परिवार केरल के बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में सेवा कार्य तीव्र.....

img

केरल में बाढ़ राहत कार्यों में अविलम्ब जुट गया गायत्री परिवार

केरल में आई बाढ़ के प्रकोप से सभी भलीभाँति परिचित हैं। लगभग हर टेलीविजन चैनल पर दिखाए जा रहे बाढ़ के समाचार प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति को आहत कर रहे हैं। ८ अगस्त को बादल फटने से आरंभ हुई जल प्रलय.....

img

Kerala flood Relief Camp 2018

सभी भाई बहनों को प्रणाम। केरल में बाढ़ से पीड़ितों का सहायता पहुचाने के लिए All world gaytri parivar,Kochi की ओर से सहायता के रूप में निम्न वस्तु को देने का कलेक्टर साहब से वादा किया.....