शरीर के सम्पूर्ण विकास के लिए महत्त्वपूर्ण जूडो : डॉ प्रणव पण्ड्याजी,
 शहर के पाँच गणमान्य हुए ‘उत्तराखंड रत्न’ से सम्मानित 

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के मृत्युजंय सभागार में बैंड की सुमधुर स्वर- लहरियों के साथ उत्तराखंड में पहली बार हो रहे सीनियर राष्ट्रीय जूडो चैम्पियनशिप का आगाज हुआ। भारतीय जूडो महासंघ, जूडो एशोसिएशन आफ उत्तराखंड एवं देसंविवि के संयुक्त तत्त्वावधान में हो रहे इस चैम्पियनशिप के उद्घाटन सत्र में जूडो के राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के अलावा देश के २८ राज्यों एवं ६ विभिन्न विभागों की टीम के सदस्य, कोच व अभिभावक उपस्थित रहे तो वहीं जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के अनेक पदाधिकारी उद्घाटन सत्र के गवाह बने।
 
इस अवसर पर उद्घाटन सत्र के अध्यक्ष व देसंविवि के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि जूडो एक साहसिक खेल है। इसमें सफलता पाने के लिए शारीरिक क्षमता के साथ साथ मानसिक दृढ़ता का होना अति आवश्यक है। उन्होंने देशभर की बहिनों को भी जूडो सीखने की सलाह देते हुए कहा कि यदि नारियां जूडो सीखती हैं, तो कई प्रकार की समस्याओं  का समाधान खूद कर सकेंगी। जूडो के विभिन्न घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कुलाधिपति ने कहा कि जूडो शारीरिक विकास के साथ साथ मानसिक दृढ़ता लाने के लिए भी सहायक  खेल है। इसके अलावा गायत्री परिवार प्रमुख डॉ पण्ड्याजी ने हाल ही में पाकिस्तान के पेशावर में स्थित आर्मी स्कूल में तालिबानी आतंकियों द्वारा हुए बालसंहार पर शोक व चिन्ता प्रकट करते हुए बच्चों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।
 
मुख्य अतिथि श्री श्याम जाजू ने कहा कि सफलता के लिए जोखिम उठाना ही पड़ता है। खेल भी एक तरह से जोखिमों से भरा होता है। श्री श्याम ने इस विषय पर अपने जीवन के कड़वे- मीठे अनुभवों को भी साझा किया। श्री जाजू ने स्वतंत्रता संग्राम के दिनों को याद करते हुए कहा कि समाज के अग्रिम पंक्तियों के लोगों द्वारा उठाये गये जोखिम- साहस से ही देश स्वतंत्र हो पाया है। 

जूडो फेडरेशन आफ इंडिया के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार ने कहा कि पिछले दिनों हांगकांग में हुई जूडो प्रतियोगिता में भारत ने शानदार सफलता अर्जित की। इससे लगता है कि जूडो के प्रति लोगों की रूझान बढ़ने लगी है। उत्तराखंड के देवसंस्कृति विवि के सुरम्य वातावरण में पहली बार हो रहे इस चैम्पियनशीप में देश के २८ राज्यों एवं ६ अन्य टीमों का भाग लेना सुखद है। 

शहर के पाँच लोगों को उत्तराखंड रत्न से सम्मानित किये गए उद्घाटन सत्र के दौरान जूडो फेडरेशन आफ उत्तराखंड की ओर से गायत्री परिवार प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्याजी ने शहर के शिक्षा, समाज व चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पाँच महानुभावों को ‘उत्तराखंड रत्न’ से सम्मानित किया। उन्हें रुद्राक्ष की माला, शाल, प्रशस्ति पत्र एवं गंगाजलि भेंट किया। ये महानुभाव हैं- श्री रोहिताश शुक्ला, श्री विजय पाल, डॉ. राम शर्मा, डॉ जितेन्द्र चंदेला, डॉ नरेश मोहन। वहीं शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने श्री श्याम जाजू, नगर विधायक मदन कौशिक, मेयर मनोज गर्ग आदि को स्मृति चिह्न, शाल व युगसाहित्य भेंटकर सम्मानित किया।


Write Your Comments Here:


img

दीप यज्ञ , युवा मंडल चित बड़ा गांव बलिया

युवा प्रकोष्ठ अखिल विश्व गायत्री परिवार बलिया के तत्वावधान में युवा मंडल चित बड़ा गांव बलिया द्वारा दीप यज्ञ का आयोजन चित बड़ा गांव के मटिहि ग्राम सभा के शिव मंदिर पर किया गया जिसमे यज्ञ का सञ्चालन श्रीमती.....

img

The Pulsating SIDBI Seminar on Life Style Modification

Shraddeya Drji in concluding session of International Yoga program at Vigyan Bhavan had emphasized on Ahar and Vihaar (Lifestyle). This 14th minute discourse has inspired DIYA to take multiple seminars on Jaisa Aaan waisa maan and Life Style Modification (.....