Published on 0000-00-00


शोधार्थियों ने माना कि योग से बदल सकता है जीवन

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में योग फार वैलनेस इन लाइफ विषय पर चल रहे राष्ट्रीय सेमीनार के दूसरे दिन कुल ५५ पेपर पढ़े गये। सेमीनार में एक साथ दो- दो सत्र चल रहे है। इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्वानों, शोधार्थियों ने योग का जीवन में महत्त्व, दैनिक जीवन में योग, तनाव प्रबंधन में योग की भूमिका, योग तन- मन को सुदृढ़ करने में सहायक, वर्तमान समय में युवाओं हेतु योग की आवश्यकता एवं उपयोगिता जैसे विभिन्न विषयों पर शोध पत्र पढ़े गये। समाचार लिखे जाने तक प्रस्तुत किये गये शोध पत्रों में शोधार्थियों ने योग की प्राचीनतम विधाओं का जिक्र करते हुए वर्तमान समय में स्वास्थ्य लाभ को सर्वोत्तम माना। वहीं डॉ सरस्वती काला ने ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य में नारी की समस्या एवं उसका यौगिक समाधान’ विषय पर अपने शोध पत्र में शारीरिक क्षमताओं के विकास में योग की महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

सेमीनार में भाग ले रहे विद्वानों ने योग को मानव चेतना के चहुमुंखी विकास के लिए आवश्यक प्रक्रिया बताया। उन्होंने वर्तमान समय के अनुसार विकसित करते हुए इसे आत्मिक प्रगति के साथ शारीरिक, मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना। जैन विश्वभारती इंस्टीट्यूट लाडनू राजस्थान से आए प्रो० जे०पी०एन० मिश्रा ने कहा कि ध्यान के द्वारा हम अपने स्वास्थ्य को सुधार सकते है। उन्होंने स्वास्थ्य के कई अनछुए पहलुओं को सामने रखा जिसके भाव सामाजिक एवं आध्यात्मिक पहलुओं से परिपूर्ण था। आईआईटी रुड़की के प्रो० वी०के० कटियार ने विभिन्न प्राणायाम के प्रक्रिया को बेहद प्रभावी तरीके से सामने रखा। इसके अलावा इसरो के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ जी प्रभु, डॉ पाल मदान, प्रो के० कृष्णा शर्मा आदि ने भी अपने- अपने विचार प्रकट किये।

सेमीनार के समन्वयक डॉ कामाख्या कुमार ने बताया कि बैंगलूर, चैन्नई, मुम्बई, कर्नाटक, विशाखापट्टनम्, भोपाल, ग्वालियर, मेरठ, लखनऊ, चंडीगढ़, रामनगर, हरिद्वार, नैनीताल, यमुनानगर, देहरादून आदि शहरों से शोधार्थियों ने अपने पेपर प्रस्तुत किये। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों को ध्यान, आसन, प्राणायाम सहित योग के विभिन्न विधाओं के प्रायोगिक प्रशिक्षण दिये गये।

महाकालेश्वर मंदिर परिसर में दीपमहायज्ञ की मनोरम छटा देखने को मिली, जहाँ प्रतिभागियों ने इस अवसर पर महाकालेश्वर से ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्व सन्तु निरामया’ की प्रार्थना की। १९२६ से सतत प्रज्वलित अखण्ड दीपक का दर्शन कर हवन में भाग लिया। 




Write Your Comments Here:


img

नवयुग दल जमशेदपुर का 30 वां रक्तदान शिविर संपन्न

जमशेदपुर :  नवयुग दल (युवा प्रकोष्ठ) गायत्री परिवार के द्वारा एस. डी. एम. स्कुल फाॅर एक्सीलेंस साकची के सभागार में 30 वां रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया । इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में परम आ. श्री अभय सिंह जी,.....

img

मूक बधिरों को युवाओं द्वारा दी जा रही है स्वावलम्बन की शक्ति

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) :समाज में जहाँ एक ओर शिक्षित व डिग्री धारकों का एक बड़ा युवा वर्ग रोजगार न मिलने की स्थिति में पतन के रास्ते पर है, ऐसे में मूक बधिर वर्ग के लिये स्वयं के पैरो पर खड़ा होने.....