Published on 2015-07-21
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मुलताई, बैतूल (मध्य प्रदेश)

8 वर्षों से चल रहा है अभियान,7000 पौधे बन चुके हैं हरे-भरे पेड़

मुलताई शाखा द्वारा पिछले ८ वर्षों से चलाया जा रहा दिवंगत स्वजनों की याद में वृक्षारोपण कराये जाने का अभियान अत्यंत लोकप्रिय और सफल रहा है। इन आठ वर्षों में लगभग १० हजार पौधे शक्तिपीठ मुलताई की ओर से वृक्षारोपण के संकल्प के साथ नि:शुल्क बाँटे गये। इनमें से 7000 से अधिक पौधे अब तक वृक्ष बन चुके हैं। लोग इन फलदार-छायादार वृक्षों के प्रति अगाध श्रद्धा रखते हैं और उनके फल, फूल एवं अन्य अनुदानों को अपने पूर्वजों का आशीर्वाद समझकर ग्रहण करते हैं। उसी आस्था के साथ वे वृक्षों का पूजन, सिंचन, संरक्षण भी करते हैं। 

शक्तिपीठ के प्रमुख कार्यकत्र्ता श्री रामदास देशमुख एवं श्री दिनेश साहू का कहना है कि ताप्ती तट पर स्थित गायत्री शक्तिपीठ के प्रति क्षेत्र में लोगों की आस्था एक पावन तीर्थ के रूप में है। पूरे जिले के परिजन यहाँ अपने दिवंगत परिजनों का मरणोत्तर संस्कार एवं श्राद्ध-तर्पण कराने आते हैं। इस संस्कार के साथ एक अनिवार्य क्रम जुड़ा है-वृक्षारोपण का संकल्प। हर संस्कार कत्र्ता को अपने पूर्वजों की याद में एक पौधा रोपने का संकल्प हाथ में ताप्ती का जल देकर कराया जाता है और उसके लिये नि:शुल्क पौधा दिया जाता है। जिले के हर गाँव में गायत्री परिवार है, ऐसे संकल्पों के माध्यम से अब तक लगभग 10,000 पौधे लगाये जा चुके हैं। 


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