Published on 2015-09-13
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देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग, उत्तराखंडसाइंस एजूकेशन एंड रिसर्च सेंटर देहरादून एवं सोसायटी आफएनवायरोनमेंटल एजूकेशन एण्ड मास अवेरनेस हरिद्वार ने मिलकर देरसायं हिमालय दिवस मनाया। इस अवसर पर पर्यावरण विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने हिमालय संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने की शपथ ली। 


इस अवसर पर कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्याजी ने बताया कि हिमालय से भारत का अस्तित्व टिका है। हिमालय क्षेत्र में वृहत स्तर पर पौधेरोपने, उसके संरक्षण करने से ही हिमालय सुरक्षित रह सकता है। डॉ पण्ड्याजी ने हिमालय के सरंक्षण को देश के लिए महत्त्वपूर्ण बताया। कुलाधिपति ने हिमालय में लगातार कम हो रहे ग्लेशियरों पर अपनीगहरी चिंता व्यक्त की। 


इस मौके पर पर्यावरण विज्ञान विभाग के समन्वयक डॉ. विजय शर्मा ने हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरणीय महत्व को विस्तार से बताया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण में उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले निवासियों एवं जनजातियों की योगदान पर प्रकाश डाला। डॉ सुधांशु कौशिक ने कहा कि हिमालय तथा पर्यावरण की समस्याओं का समाधान जनजागरण एकमात्र उपाय है। 


इस अवसर पर विद्यार्थियों को पांवर पाइंट के माध्यम से हिमालयी क्षेत्र में हो रहे बदलाव की जानकारी दी। तो वहीं हिमालयी क्षेत्रों में पौधे लगाने हेतु लोगों को प्रेरित करने पर बल दिया गया।


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