Published on 2016-09-20

हरिद्वार २० सितंबर। 
गायत्री परिवार के लाखों सेवाव्रती नर- नारियों ने राष्ट्रीय नदी पतित पावनी माँ गंगा के उद्गम क्षेत्र से लेकर गंगासागर तक के घाटों का वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया। इसका शुभारंभ गायत्री परिवार के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिकुंज में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया।

http://video.awgp.org/video.php?id=4152">Watch Video

दल ने प्रेरणाप्रद नारे लगाते हुए गंगा घाट पहुँचा जहाँ ११ सेक्टर में बाँटे गये ठोकर १ से लेकर २० तक में सफाई अभियान चलाया गया। इस बीच दो एम्बुलेंस  के साथ मेडिकल टीम स्वयंसेवकों के साथ रही। तो वहीं शांतिकुंज के जलकल विभाग पानी का टेंकर लेकर लोगों की प्यास बुझाने में सक्रिय रहा। देवभूमि उत्तराखण्ड से लेकर पश्चिम बंगाल तक के गंगा घाटों में सेवाव्रती नर- नारियों ने प्रातः ८ से जमकर पसीना बहाया। 

अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने ट्वीट कर हरिद्वार सहित देश भर में जलस्रोतों एवं नदियों, तालाबों की सफाई अभियान में जुटे सेवाव्रती साधकों को बधाई दी और कहा कि गायत्री परिवार की संस्थापिका वन्दनीया माता भगवती देवी शर्मा के अवतरण दिवस से प्रारंभ हुआ निर्मल गंगा जन अभियान का पांचवाँ चरण अगले कई सालों तक चलेगा। इसके अंतर्गत देश भर में जलस्रोतों के संरक्षण एवं सफाई के लिए गायत्री परिवार के लाखों कार्यकर्त्ता जुटे हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार के साथ विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संगठन भी शामिल हो रहे हैं जो कि यह इस अभियान के लिए शुभ संकेत है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार देश भर में १५ हजार से अधिक जलस्रोत- नदियों व तालाबों आदि स्थानों पर वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। 

अभियान की जानकारी देते हुए केन्द्रीय समन्वयक श्री केदार प्रसाद दुबे ने बताया कि हरिद्वार में ठोकर नं १ से २० तक के गंगा घाटों में शांतिकुंज के अंतेवासी कार्यकर्त्ता भाई- बहिन, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिवार, विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों में आये साधक सहित पाँच हजार से अधिक लोगों ने जमकर पसीना बहाया। तटबंधों के झाड़- झंखाड को फावड़े, दराती, कुल्हाड़ी आदि औजारों से काटकर साफ सुथरा किया गया। काटे गये कचरों के निस्तारण के लिए ७ ट्रेक्टर लगाये गये थे जिसे कम्पोज्ड खाद  बनाने के लिए एक जगह एकत्रित किये गये। इस कार्य में देसंविवि के विदेशी छात्राओं का उत्साह देखने लायक था। तो वहीं पाँच साल की भव्याश्री भी अपने दोस्तों के साथ  दौड़- दौड़कर कचरे इकट्ठे करने में लगी रही। शांतिकुंज के स्वयंसेवकों के साथ देसंविवि के स्काउट- गाइड, एनएसएस की सभी इकाई सहित गायत्री विद्यापीठ, भूपतवाला क्षेत्र के कई संगठनों ने भी सेवाकार्य में हाथ बँटाया। शहर के श्रीराम घाट, मालवीय, मार्कण्डेय, लवकुश, विश्वकर्मा सहित ८ घाटों में बीएचईएल, कनखल व रुड़की के गायत्री परिजनों ने स्वच्छता अभियान चलाया। 

उन्होंने बताया कि तीर्थ नगरी हरिद्वार में शांतिकुंज कार्यकर्त्ता, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिवार, ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान, विभिन्न शिविरों में आये साधक तथा निकटवर्ती जिलों से आये सेवाभावी कार्यकर्त्ताओं ने भाग लिया। हरिद्वार से बिजनौर, कानपुर, वाराणसी से लेकर गंगासागर तक के घाटों के लिए कुछ पूर्व से तैयार की गयी टीमों ने घाटों को स्वच्छ करने में जुटी रही। अभियान के केन्द्रीय समन्वयक श्री दुबे ने कहा कि पश्चिम बंगाल की आदिगंगा, मप्र में ताप्ती व नर्मदा, वाराणसी के अस्सी सहित कई घाटों, छत्तीसगढ में शिवनाथ व महानदी, महाराष्ट्र के पुणे में देहु सहित देश भर में सफाई अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि देसंविवि की टीम का कुलपति श्री शरद पारधी, प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या तथा अन्य दलों का सदानंद अम्बेकर, परमानंद द्विवेदी, गंगाधर चौधरी, पुनीत गुरुवंश आदि ने नेतृत्व किया।




Write Your Comments Here:


img

गायत्री परिवार प्रमुखद्वय से मार्गदर्शन ले गंगा सेवा मंडल प्रशिक्षण टोली रवाना

हरिद्वार १४ नवंबर।अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा संचालित निर्मल गंगा जन अभियान के अंतर्गत संगठित गंगा सेवा मंडलों के प्रशिक्षण हेतु बुधवार को पांच सदस्यीय एक टोली शांतिकुंज से रवाना हुई। ये टोली बिजनौर से लेकर उन्नाव तक के शहरों.....

img

शांतिकुंज ने की गंगा घाटों की सफाई, चार सौ से अधिक स्वयंसेवकों ने बहाया पसीना

हरिद्वार, 28 अक्टूबर।गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के अंतेःवासी कार्यकर्ता भाई-बहिन एवं विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों में देश भर से आये चार सौ से अधिक स्वयंसेवकों ने सप्तसरोवर क्षेत्र के गंगा घाटों की सफाई में जमकर पसीना बहाया। इस दौरान साधकों ने मानव.....