Published on 2016-10-08

शांतिकुंज के नवयुगदल का तीन दिवसीय रजत जयंती समारोह
हरिद्वार, ०८ अक्टूबर।

शांतिकुंज के अंतेवासी कार्यकर्त्ताओं के बच्चों का दल ‘नवयुग दल’ का रजत जयंती समारोह शनिवार को शुभारंभ हुआ। समारोह में शांतिकुंज के बच्चे जो कई कार्पोरेट जगत से लेकर देश-विदेश में कई महत्त्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में सेवारत हैं, भागदीरी कर रहे हैं। समारोह के शुभारंभ गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी, वरिष्ठ कार्यकर्त्ता श्री वीरेश्वर उपाध्याय, श्री केसरी कपिल जी, श्री कालीचरण शर्मा आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने कहा कि बालावस्था में दिये गये अच्छे संस्कार उन्हें आगे बढ़ाता है। यही संस्कार सक्रियता में बढ़ती है तो उनकी प्रतिभा बढ़ती जाती है जिसकी आज समाज को बेहद जरूरत है। बाल्यकाल में ही सेवा, सहयोग, सहकार एवं सहानुभूति के बीज बोने से वह आगे चलकर वटवृक्ष बनता है और अनेकों को छाया देने में समर्थ होता है।

नवयुगदल के अभिभावक संरक्षक डॉ. पण्ड्याजी ने कहा कि ज्ञानार्जन के लिए नियमित रूप से कुछ समय जरूर निकालें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद व तपोनिष्ठ पं. श्रीराम शर्मा आचार्य आदि महापुरुषों के बाल्यकाल के संस्मरण सुनाते हुए समझदारी, जिम्मेदारी व प्रामाणिकता को जीवन के अंग बनाने की बात कही। इस अवसर पर श्री वीरेश्वर उपाध्याय, श्री केसरी कपिल, श्री कालीचरण शर्मा, श्री शिवप्रसाद मिश्र सहित अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं देश-विदेश के विभिन्न संस्थानों में सेवारत नवयुगदल के सदस्य उपस्थित थे।

गरीबों के लिए बनाये फंड
डॉ. पण्ड्याजी ने कहा कि जो नौकरी पेशा में लगे या कारोबार में जुटे हैं, वे मिलकर ऐसा फंड बनायें, जिससे गरीब परिवार के विद्यार्थियोंको सहयोग का किया जा सके। अपने गरीब भाई-बहिनों को पैसे की कमी के कारण बीच में अपनी पढ़ाई न छोड़नी पड़े।

शिक्षकों को किया सम्मान
नवयुगदल के सदस्यों की ओर से आद. डॉ. पण्ड्याजी ने स्व. श्री चन्द्रभूषण मिश्र, श्री प्रताप शास्त्री, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित श्री गेंदालाल चौरसिया, देसंविवि के कुलसचिव श्री संदीप कुमार, श्री सीताराम सिन्हा को चादर व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।

समारोह के समन्वयक सुशील उपाध्याय व अजय सेन ने कहा कि इस दौरान ९ सत्र होंगे, जिसमें व्यवहारिक व सैद्धांतिक विषयों पर विषय विशेषज्ञ नवयुगदल को संबोधित करेंगे, जबकि विदाई सत्र को आदरणीया शैल दीदी मार्गदर्शन करेंगी।


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