Published on 2016-11-28

हरिद्वार २७ नवम्बर।

अमेरिका व भारत में दिव्यांगों की सेवा एवं उनके हित के कार्यों के बनी संस्था ‘वाइस आफ स्पेशली एब्लेड पीपुल’ के संस्थापक प्रणव देसाई शांतिकुंज प्रमुख से मिलने हरिद्वार पहुंचे। वे यहाँ श्रद्धेया शैल दीदी जी ने भेंट कर दिव्यांगों की सेवा एवं उनके हित में की जा रही कार्यों की जानकारी दी एवं भविष्य में दिव्यांगों के लिए बेहतर कार्य करने के लिए मार्गदर्शन लिया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा दिव्यांगों के लिए कार्य करने वाली संस्था में प्रणव देसाई महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी जी एवं श्री देसाई जी के बीच दिव्यांगों के बीच होने वाली समस्याओं एवं उसके निराकरण जैसे कई विषयों पर चर्चा हुई। शैलदीदी जी ने कहा कि दिव्यांग भगवान की विशेष कृतियों में से एक हैं। पूर्व जन्म का संस्कार कहें या वर्तमान जीवन की घटनाएँ, जिसके कारण वे दिव्यांग हैं, उनके भविष्य के लिए जन सामान्य को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत सहित विश्व के अनेक दिव्यांग खिलाड़ियों ने ओलम्पिक सहित विभिन्न बड़ी स्पर्धाओं में पदक जीते हैं, जो यह दर्शाता है कि दिव्यांगों में आत्मबल व मनोबल हो, तो वे सतत आगे बढ़ते रह सकते हैं।

श्री देसाई ने बताया कि कई देशों में दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था है, जिससे शारीरिक कमी के बावजूद वे जन सामान्य की तरह कई क्षेत्रों में विशेष सफलता हासिल की है। भारत में भी इस तरह की पहल शुरु हुई है, यह एक प्रसन्नता की बात है। श्री देसाई की संस्था को उनके सराहनीय कार्यों के लिए भारत सरकार सहित अमेरिका के विभिन्न संगठनों ने कई बार सम्मानित कर चुके हैं। श्री देसाई भारत सरकार की योजना ‘सुगम्य भारत अभियान’ के प्रमुख सलाहकारों में से एक हैं।

श्री देसाई देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी से अनौपचारिक भेंटकर युवाओं को इस दिशा में प्रेरित करने की बात कही। डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने कहा कि देसंविवि व गायत्री परिवार अपने आराध्यदेव के सूत्रों का पालन करते हुए पीड़ित मानवता एवं दिव्यांगों के लिए विशेष योजना पर कार्य कर रहा है। इस अवसर पर प्रतिकुलपति ने श्री देसाई एवं सहयोगियों को युगसाहित्य एवं उपवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।


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