युवाक्रांति वर्ष के रूप में मनाया जायेगा यह वर्ष

Published on 2017-01-01

हरिद्वार १ जनवरी। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में देशभर से आये हजारों परिजनों ने रविवार को पवित्र हवनकुण्डों में विशेष आहुति डालकर नववर्ष का अभिनंदन किया। इस अवसर पर गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी व संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने कहा कि वर्ष २०१७ को युवा क्रांति वर्ष के रूप मनाया जायेगा और इसमें विशेष रूप से युवाओं को भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चे खोलने के अभियान से जोड़ा जायेगा। 
नववर्ष के प्रथम दिन डॉ. पण्ड्याजी ने कहा कि वर्ष २०१७ में देश- विदेश के चौदह लाख नये युवाओं को रचनात्मक कार्यक्रमों से जोड़ा जायेगा। ये युवा भ्रष्टाचार व कुरीतियों के विरुद्ध विकसित हो रही जनभावनाओं को सामाजिक आंदोलन का स्वरूप प्रदान करेंगे। मिशन की इस वर्ष की योजना है कि इस हेतु चौदह सौ प्रवासी युवा समयदानी एवं इक्कीस सौ युग प्रवक्ता तैयार किये जायेंगे। वहीं इन युवाओं को दिशा देने के लिए ४५०० एक दिवसीय युवा उत्कर्ष शिविर आयोजित की जायेंगी तथा ६७०० डिवाइन वर्कशॉप शिक्षण संस्थानों में आयोजित होंंगे। इस अभियान की शुरुआत स्वामी विवेकानंदजी की जयंती १२ जनवरी से होगी। डॉ.पण्ड्याजी  ने इस अभियान में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी का आवाहन किया। गायत्री परिवार प्रमुख ने भारत के लिए वर्ष २०१७ को शुभ बताते हुए नववर्ष की शुभकामनाएँ दीं। 
संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने कहा कि वर्ष २०१७ संपूर्ण समाज के लिए असीम संभावनाएँ लेकर आ रहा है। प्रस्तुत वर्ष नए अच्छे विचारों को क्रियान्वित करने और अधूरे सपनों को पूरा करने हेतु दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने आया है। शैल दीदी ने कहा कि यह वर्ष नवसृजन, आध्यात्मिक उन्नति जैसे अनेक स्वर्णिम कोष का उद्गम होगा। 
वहीं नववर्ष के प्रथम किरण का स्वागत के अवसर पर वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के साथ २७ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें १५ पारियों में देश के कोने- कोने से आये साधकों ने गायत्री महामंत्र व महामृत्युंजय मंत्र से विशेष यज्ञाहुतियाँ डाली। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिवार, ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान एवं शांतिकुंज परिवार ने गायत्री परिवार प्रमुख से भेंटकर नववर्ष के लिए विशेष मार्गदर्शन प्राप्त किया। गायत्री विद्यापीठ व देसंविवि के विद्यार्थियों ने डॉ. पण्ड्याजी व शैलदीदी को गुलदस्ता भेंट किये।

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