Published on 2017-01-05

शांतिकुंज में उप्र के २४ जिलों के ५०० युवाओं का विशेष प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ

हरिद्वार, ५ जनवरी।

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ५०० युवाओं का विशेष प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ हुआ। शिविर में उप्र के लखनऊ, कानपुर, एटा, बुलन्दशहर, फरूर्खाबाद, बरेली, बिजनौर सहित २४ जिलों के युवक-युवतियाँ शामिल हैं।

शिविर के प्रथम दिन युवा क्रांति एक समग्र दृष्टि विषय पर संबोधित करते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ.प्रणव पण्ड्याजी ने कहा कि जोश, उत्साह, उमंग एवं कार्य करने की क्षमता से भरा होना ही युवा है। युवाओं को भाग्य पर नहीं, कर्म पर विश्वास होना चाहिए। कहा कि मनःस्थिति को बदलकर परिस्थिति को बदल देने की क्षमता रखने वाले युवाओं की फौज तैयार करने की जरूरत है, जो नवनिर्माण की दहलीज पर खड़ा समाज व देश को बुलंदियों तक पहुँचा सके।

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ.पण्ड्याजी ने कहा कि भारत के अनेक युवाओं ने बाधाओं को चीरते हुए देश को स्वतंत्र कराने में अपना सब कुछ झोंक दिया था। उन युवाओं के शौर्य एवं नेतृत्व क्षमता के बल पर ही भारत आजाद हो पाया था। आज ऐसे ही युवाओं की जरूरत है जो भ्रष्टाचार, काला बाजारी, कुरीतियों के जकड़न में उलझे देश को उबार सके। गीता मर्मज्ञ डॉ.पण्ड्याजी ने श्रीमद्गीता के विभिन्न श्लोकों की व्याख्या के साथ आन्तरिक दुर्बलताओं से लड़ने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि अगले दिनों ४ वीडियो रथ निकाले जायेंगे, जिसके माध्यम से व्यसनमुक्त-संस्कारयुक्त स्वावलंबी गाँव के निर्माण, वर्ष २०१७ में एक करोड़ पौधे लगाने, १००८ स्मृति उपवन बनाने, निर्मल गंगा जनअभियान व जलस्रोतों की सफाई में भागीदारी तथा बालसंस्कार शालाएँ चलाने के लिए गाँव-गाँव, शहर-शहर जाकर लोगोंं को प्रेरित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि २५२५ किमी की दूरी तय करने वाली गंगा को स्वच्छ व निर्मल बनाने के लिए भी खासकर गंगा तट के युवाओं को भागीरथ पुरुषार्थ करना है। इस अभियान में देश के दस लाख से अधिक परिजन जुटे हैं।

इससे पूर्व शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्त्ता श्री वीरेश्वर उपाध्याय ने कहा कि मनुष्य में साहस, संयम जैसे कई सद्गुण विद्यमान रहते हैं। उनको सहारे अपनी आंतरिक विभूतियों को विकसित किया जा सकता है। बाल्यकाल से यदि सही दिशा में मेहनत करना प्रारंभ दे, तो युवावस्था में बहुत कुछ प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम का संचालन युवा प्रकोष्ठ के समन्वयक श्री केदार प्रसाद दुबे ने किया। इस अवसर पर शांतिकुंज के अनेक वरिष्ठ कार्यकर्त्ता भी उपस्थित रहे।


Write Your Comments Here:


img

युगावतार के लीला संदोह को समझें, युग देवता के साथ भागीदारी बढ़ायें

अग्रदूतों को खोजने, उभारने और सामर्थ्यवान बनाने का क्रम प्रखरतर बनायें

युगऋषि और प्रज्ञावतार
युगऋषि के माध्यम से नवयुग की ईश्वरीय योजना की जानकारी युगसाधकों को मिली। इस प्रचण्ड और व्यापक क्रांतिकारी परिवर्तन चक्र को घुमाने के लिए परमात्मसत्ता प्रज्ञावतार के रूप.....

img

अखण्ड ज्योति पाठक सम्मेलन, छत्तीसगढ़

मगरलोड, धमतरी। छत्तीसगढ़

जिला संगठन धमतरी ने मगरलोड में अखण्ड ज्योति पत्रिका के पाठकों का सम्मेलन आयोजित कर क्षेत्रीय मनीषा को परम पूज्य गुरुदेव के क्रांतिकारी विचारों से अवगत कराया। अखण्ड ज्योति के अनेक पाठकों ने आत्मानुभूतियाँ बतायीं। सम्मेलन से प्रभावित.....

img

वड़ोदरा में एक परिजन हर हफ्ते लगाती हैं युग साहित्य स्टॉल

वड़ोदरा : वड़ोदरा में एक गायत्री परिजन हर हफ्ते युग साहित्य स्टॉल लगाती हैं । उनके साहित्य स्टॉल से लोग पुस्तकें खरीदते हैं और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से सम्बंधित गुरुदेव का मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं । परिजन का यह प्रयास.....