Published on 2017-01-26
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चण्डीगढ़ को सद्वाक्यों से सजा देंगे
श्री आशीष कौशिक, चण्डीगढ़ : श्री आशीष जी शांतिकुंज आये, कहने लगे, ‘‘हमने तो अपने पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेण्ट कॉलेज, चण्डीगढ़ के प्रिंसिपल को केवल एक- दो सद्वाक्य नमूने के रूप में दिखाये थे। उन्हेंं ये इतने पसंद आये कि उन्होंने कहा कि कॉलेज की कक्षा- दीवारों को इन सद्वाक्यों से सजा दो। ५ दिन बाद NACC का इन्स्पेक्शन है। कॉलेज को सजाने का यह सबसे अच्छा माध्यम है।’’
महाविद्यालय में १०० सद्वाक्य लगाने के बाद उन्होंने कहा- ‘‘पूरे कॉलेज में बड़ा उत्साहजनक वातावरण है। जल्दी ही हम पूरे चण्डीगढ़ को सद्वाक्यों से सजा देंगे।’’

मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण ने उत्साह बढ़ाया
डॉ. मुकेश दलाल, वडोदरा : कुछ माह पूर्व सद्वाक्यों का एक सनबोर्ड देश के जानेमाने मनोवैज्ञानिक वडोदरा निवासी डॉ. मुकेश दलाल को भेजा गया था। उन्होंने कहा कि यह तो विचार क्रान्ति का एक नया अध्याय आरम्भ कर सकते हैं। इस अभियान को सार्वजनिक- सर्वव्यापी बनाने के लिए उनका भी बहुत बड़ा सहयोग मिला। उन्होंने परम पूज्य गुरुदेव के अलावा विद्यालयों के लिए उपयोगी अन्य महापुरुषों के विचारों के संकलन में सहयोग किया। उन्होंने इस अभियान को प्रभावशाली बनाने के कई और सुझाव भी दिये, जिनके बड़े सकारात्मक परिणाम मिले।

यह एक लोकप्रिय आन्दोलन बन जायेगा
प्रो. नेहा शाह, वडोदरा : सुप्रसिद्ध महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी के कॉमर्स संकाय में प्रोफेसर श्रीमती नेहा शाह ने हाल ही में अपने संकाय में ७५ सद्वाक्य लगवाये हैं। वे कहती हैं, ‘‘विद्यार्थी इन वाक्यों को बड़े ध्यान से पढ़ते हैं, यह देखकर अच्छा लगता है। यूनिवर्सिटी के डीन और स्टाफ ने इस कार्य की बहुत प्रशंसा की है। दूसरे संकाय के अधिकारी और आने वाले लोग भी इनसे बहुत प्रभावित हैं। उन्होंने इन्हें लगाने के संदर्भ में मुझसे जानकारी ली है। निश्चित ही यह एक लोकप्रिय आन्दोलन बन जायेगा।’’

भा.सं. ज्ञान परीक्षा का कई गुना विस्तार हुआ
श्री रामाधार गौतम, हरिद्वार : भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा, हरिद्वार के जिला संयोजक श्री रामाधार गौतम ने ४५०० सद्वाक्य (रुपये ४ लाख की कुल लागत के) तैयार कराये हैं, जिनमें से वे अब तक २६५ विद्यालयों में २५७५ सद्वाक्य लगवा चुके हैं। इसके सत्परिणामों से वे बहुत प्रसन्न हैं। उन्होंने बताया-
‘‘डीपीएस, भेल, हरिद्वार ने अपने विद्यालय में १६० सद्वाक्य लगवाये। उन्होंने हर कक्षा, हर दीवार पर सद्वाक्य लगवाये हैं। वहाँ के प्रिंसिपल ने कहा कि हमारे मन में जो था, वह आपने पूरा कर दिया। दो इंजीनियरिंग कॉलेज, एक मैनेजमेण्ट कॉलेज और उत्तराखंड संस्कृति विश्वविद्यालय में भी सद्वाक्य लगाये गये हैं।

सद्वाक्यों के प्रभाव से बहुआयामी सफलता मिली है। दो साल पहले तक भासंज्ञाप में ४०- ५० विद्यालय शामिल होते थे, इस वर्ष ३११ विद्यालय शामिल हुए। १६ विद्यालयों ने अब तक हमें अपने शिक्षा अभियान का समग्र प्रेज़ेण्टेशन देने के लिए आमंत्रित किया। शांतिकुंज में वसंत पर्व, गायत्री जयंती, गुरुपूर्णिमा पर होने वाली निबंध, भाषण, काव्यपाठ प्रतियोगिताओं में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों का उत्साह बहुत बढ़ा है। इस वसंत पर्व पर काव्यपाठ प्रतियोगिता में ४७, निबंध में १३ और भाषण में १७ विद्यार्थियों ने भाग लिया।’’
हर विद्यालय में लगायेंगे गायत्री मंत्र : श्री रामाधार गौतम जी ने कहा कि वे शीघ्र ही सभी ३११ विद्यालयों में भावार्थयुक्त गायत्री मंत्र लगवाने जा रहे हैं।

प्यून से प्रिन्सिपल तक सब प्रभावित हैं
श्री नितिन पटेल, भरूच ने भरूच के ४२ विद्यालयों में २५० सद्वाक्य लगवाये हैं। उन्होंने बताया, ‘‘शबरी विद्यापीठ की प्रिंसिपल श्रीमती गायत्री पिल्लई ने अपने घर के बाहर भी सद्वाक्य लगवाये, ताकि आने- जाने वाले उन्हें देखें और प्रेरणा लें। लायन्स इंटरनेशनल एकेडमी, अंकलेश्वर के प्रिंसिपल श्री बिनोज पीथाम्बरम ने पूरे विद्यालय को सद्वाक्यों से सजा दिया। उनसे प्रेरित होकर प्यून से प्रिंसिपल तक सभी शिक्षक- विद्यार्थी इस वर्ष भा.स. ज्ञान परीक्षा में शामिल हुए, अपने विद्यालय में पुस्तक मेला भी लगवाया।

सबके गुरुदेव हैं पं. श्रीराम शर्मा आचार्य
श्री अतुल सिंह, लखनऊ : अपना कोचिंग इन्स्टीट्यूट चला रहे श्री अतुल सिंह के प्रयासों से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के एक छात्रावास में १०० सद्वाक्य लगवाये गये। लोगों की बड़ी सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ उन्हें मिलीं। इस वसंत पर्व पर उन्हें यूनिवर्सिटी में उद्बोधन के लिए आमंत्रण मिला। अधिकारी सभी १२ छात्रावासों में सद्वाक्य लगाये जाने के लिए सहमत हैं। अतुल जी ने पूछा, ‘‘यदि गुरुदेव के नाम से किन्हीं की धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हों तो बिना किसी नाम के वाक्य लगा दिये जायें?’’ लोगों ने उनसे कहा, ‘‘उन्हें वैसे ही रहने दो। वे तो सबके गुरुदेव हैं।’’ यूनिवर्सिटी ये सद्वाक्य अपने खर्चे से लगवा रही है।

हर क्षेत्र का गौरव बढ़ा रहे हैं सद्विचार
नगर- उद्यान में: टीकमगढ़ (म.प्र.) में नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी राकेश गिरि ने अपने नगर के उद्यानों को सद्वाक्यों से सजा दिया है।
रेलवे में : वलसाड़ (गुजरात) के श्री नीरज जांगिड़ रेलवे में काम करते हैं। वे रेलवे हॉस्पिटल, लोकोशेड और रेलवे के संभावित कार्यालयों में १२५ सद्वाक्य लगाने जा रहे हैं। वलसाड़ के ही श्री उर्मिल देसाई तीन विद्यालयों में ७० सद्वाक्य लगवा रहे हैं।
दिया, मुम्बई : दिया, मुम्बई ने नामी हॉस्पिटलों, शिक्षण संस्थानों, बड़ी कॉलोनियों में बड़ी संख्या में ऐसे सद्वाक्य पहले ही लगाये हैं।
मुरादाबाद के डॉ. लवलेश अपने क्लीनिक की ओर से जगह- जगह नशामुक्ति, जल संरक्षण, स्वास्थ्य संबंधी सद्वाक्य लगवा रहे हैं।
पुलिस स्टेशन : हरिद्वार के पुलिस स्टेशन को परम पूज्य गुरुदेव और अन्य महापुरुषों के सद्वक्यों से सजाया गया है।
इलैक्शन कमीशन के दफ्तर को भी सद्वाक्यों से सजाया गया।


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