Uttarakhand has been struck by unprecedented flash floods that have killed hundreds of persons and thousands are still missing. This Sunday evening flood has devastated majority of Garhwal region. More than 75,000 Char Dham pilgrims are stranded and are in need of immediate medical and food assistance.

http://www.awgp.org/Establishments/shantikunj/"> Shantikunj has taken up the task of providing the relief and rehabilitation work on a war footing. Government has provided the disaster management team of http://www.awgp.org/Establishments/shantikunj/"> Shantikunj with helicopter service s to distribute food and life -saving needs of stranded persons. Our volunteers are helping army and paramilitary persons.

In Shantkunj Ashram, we are prepared to provide accommodation and medical facilities for thousands of returning pilgrims.

You can help our disaster management efforts by contributing to our online account.
Donate Online

Also parijans are requested to avoid their visit to http://www.awgp.org/Establishments/shantikunj/"> Shantikunj for at least next 10 days, as we will be accommodating thousands of disaster affected people.

It may take a decade for Uttarakhanad to recover from this disaster and the rehabilitation work require thousands of crores of rupees. http://www.awgp.org/Establishments/shantikunj/"> Shantikunj will be actively taking up this task along with other government agencies. Your immediate and long term contribution will help us in overcoming the worst disaster to hit the Dev Bhumi in past 60 years.

* Shantikunj Apada  Rahat Kosh :-

SBI A/C No -30491675367, IFSC Code :-SBIN0010588

Shantikunj helpline numbers for particular state are as belows :

Shantikunj : 09258369734.

M.P.   - 09425079378
Gujrat - 09258360930
Uttarakhand - 09755444486
0135 28710334, 335
0135 6555523, 524

उत्तराखण्ड आपदा राहत अपील

उत्तराखण्ड पिछले 60 वर्षों की सबसे भीषण त्रासदी से जूझ रहा है। देवभूमि गढ़वाल में आई अचानक बाढ़ में सैकड़ों जाने जा चुकी है, हजारों लोग लापता हैं और लगभग 75000 लोग चार धाम यात्रा मार्ग में फंसे हुए हैं।

इस विपत्ति के समय में आपदा राहत प्रबंधों के अंतर्गत शांतिकुंज ने राहत सामग्री वितरण तथा पुर्नवास के लिये अपनी पूरी सामर्थ्य लगा दी है। शासन द्वारा भी शांतिकुंज के प्रयासों के लिये हवाई सेवा उपलब्ध कराई गई है तथा शांतिकुंज के कार्यकर्ता सेना और एनडीआरएफ के जवानों के साथ सहयोग कर रहे हैं।
आपदा से बचकर लौटने वाले हजारों तीर्थ यात्रियों के लिये व्यवस्था बनाने में शांतिकुंज तैयार है।
आप इन प्रयासों में अपने सहयोग हेतु ऑनलाईन अकाउन्ट से शांतिकुंज के आपदा राहत कोश में राशि भेज सकते हैं।

सभी परिजनों से आग्रह है कि वे आने वाले 30 जून तक शांतिकुंज की यात्रा यथा संभव स्थगित रखें।
उत्तराण्ड को इस आपदा से बाहर आने में एक दशक तक का समय लग सकता है। राहत तथा पुनर्वास कार्यों के लिये हजारों करोड़ रूपयों की आवश्यकता पड़ेगी। जिनमें शांतिकुंज का सतत सहयोग जारी रहेगा। आपकी तत्काल और दीर्घकालीन राशि देवभूमि उत्तराखण्ड को इस विपत्ति से बाहर आने में बड़ी सहायक सिद्ध होगी, इस हेतु शांतिकुंज के आपदा राहत कोश में मुक्तहस्त से आपके सहयोग की अपेक्षा है।

शांतिकुंज ने अपने परिजनों से , अगले दस दिनों तक हरिद्वार न आने की अपील की है ।


*यात्रियों एवं उनके परिजनों की मदद एवं सूचना हेतु शान्तिकुंज में संचार व्यवस्थायुक्त नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जहाँ से निम्न दूरभाषों पर सूचना प्राप्त की जा सकती है-


शांतिकुंज : 09258369734.

म . प्र. - 09425079378
गुजरात - 09258360930
उत्तराखण्ड- 09755444486
0135 28710334, 335
0135 6555523, 524



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