Published on 2017-08-27
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सघन वृक्षारोपण अभियान से हो रहे हैं रूठी प्रकृति को मनाने के प्रयास 

ड्रिप सिस्टम से सींचे पेड़ आने लगी हैं पक्षियों की मधुर आवाजें उपवनों में बनायी जा रही हैं गोशालाए १५ गाँवों में बने  वन- उपवन;  विकसित हो चुके हैं १५ से ३० फीट ऊँचे २४००० पेड़  

खण्डवा। मध्य प्रदेश 
खण्डवा जिले के नैष्ठिक कार्यकर्त्ताओं ने जन्मशताब्दी वर्ष- २०११ वृक्षगंगा अभियान के अंतर्गत अपने भागीरथी प्रयास आरंभ कर दिये थे, जिसका सत्परिणाम आज वहाँ प्रत्यक्ष देखा जा सकता है। श्री बृजेश पटेल के अनुसार जिले में सिरसोद, डाबी, आरूद, खालवा, जूनापानी, छुट्टियाँ, हरसूद, धनगाँव, मोटका माफी, सुरगाँव बंजारी, मूँदी, पुनासा, पंधाना, सिंगोट, इनपुट गोगाँवा, ओंकारेश्वर, छैगाँव माकन आदि १५ मुख्य स्थानों पर २४००० पौधे लगाये गये थे। ये आज १५ से ३० फीट ऊँचे वृक्ष बन चुके हैं। इस महान उपलब्धि को प्रत्यक्ष देखा जा सकता है। 

श्री बृजेश पटेल के अनुसार इस महान सफलता में स्थानीय ग्रामवासियों ने जिस निष्ठा का प्रदर्शन किया, वह वंदनीय है। लोगों ने अपने खेतों की सिंचाई से पहले इन पेड़ों को पानी देने का ध्यान रखा। अनेक स्थानों पर ड्रिप सिस्टम से सिंचाई कर इन पेड़ों का जिन्दा रखा गया, इनकी सुरक्षा के भी उपाय किये गये। 

सिरसोद ग्राम में लगाये गये वन में इन दिनों एक गोशाला बनायी गयी है, जिसमें २४ गौमाता पल रही हैं। 

सुकता डैम के किनारे भी ५००० पेड़ लगाये गये हैं, जिनकी सिंचाई ड्रिप सिस्टम से होती है। इनके अलावा बरुण, सुकवि व जामली में भी बृहद् स्तर पर वृक्षारोपण हुआ है। 


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