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गुजरात राज्य में हरीतिमा संवर्धन अभियान के अंतर्गत इस वर्ष ३,७४,५६८ वृक्ष लगाये गये। अकेले राजकोट जिले में ७५,९८० वृक्षों की पौध लगायी गयी, जिसमें गुगल, नीम, पीपल, वट के वृक्ष प्रमुखता से लगाये गये।  गायत्री शक्तिपीठ राजकोट पर आयोजित तुलसी वितरण समारोह में प्रांतीय पर्यावरण अभियान प्रभारी श्री पिनाकिन भाई राज्यगुरु ने यह जानकारी देते हुए सभी पर्यावरण प्रेमियों का उत्साहवर्धन किया। समारोह का उद्घाटन गुजरात के पर्यावरण मंत्री श्री गोविंदभाई पटेल तथा श्रीमती भानुबेन बाबरिया ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर लोगों को तुलसी रोपण की आवश्यकता, विधि और आन्दोलन के स्वरूप की जानकारी दी गयी। उन्हें पूज्य गुरुदेव द्वारा लिखित पुस्तक ‘तुलसी के चमत्कारिक गुण’ खरीदने और स्वास्थ्य लाभ अर्जित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। राजकोट के श्री रामजीभाई वशरामभाई पटेल ने ३० जुलाई से ५ सितम्बर तक वृक्षारोपण का बृहद् अभियान चलाया। उन्होंने १८ गाँवों में ४० व्यक्तियों की टोली के साथ घर-घर संपर्क करते हुए आँवले की ५१३, अनार की १६६, सीताफल की ३११, कन्हेर की १५, बेल की १० और आम की १४७; कुल ११८० पौधें रोपीं। उनकी प्रेरणा और प्रयास से ९६ घरों में बलिवैश्वदेव यज्ञ की पुण्य परंपरा भी आरंभ हो गयी है। जामनगर गायत्री परिवार की चंद्राबा राठौड़ ने १ अगस्त से १५ सितम्बर की तारीखों में पाँच गाँवों में पंच कुण्डीय यज्ञ अभियान चलाया। इसके साथ पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को विशेष महत्त्व दिया गया। परिणाम स्वरूप इन पाँच गाँवों में कुल १३०० वृक्ष लगाये गये। जामनगर की बहिनों ने बलिवैश्व यज्ञ को भी भरपूर महत्त्व दिया है जिसके कारण वहाँ के ११०० घरों में बलिवैश्व यज्ञ सेट वितरित किये गये हैं।


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वृक्ष गंगा अभियान के तहत किया 5001पौधों का रोपण , शाजापुर ( मप्र )

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