टेक्नो क्वीज, ई- केनवस, गेम्स, सॉफ्टवेयर जैसे विभिन्न प्रतियोगिताओं में दिखाया कौशल

उत्तम प्रस्तुति देने वाले 21 विद्यार्थी हुए सम्मानित 
सूचना एवं तकनीकी के क्षेत्र में भी अग्रसर हो रहे देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कम्प्यूटर विभाग द्वारा एक दिवसीय टेक्नोज्ञान- 2014 प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस आयोजन में बीसीए, बीएससी, एमएससी के छात्र- छात्राओं ने टेक्रो क्वीज, ई- केनवस, सॉफ्टवेयर आदि तकनीकी प्रतियोगिता में अपने कौशल व क्षमता से रूबरू कराया। प्रतियोगिता में निकटस्थ कई संस्थानों के 300 से अधिक छात्र- छात्राओं ने भागीदारी की। इनमें से उत्तम प्रस्तुति देने वाले २१ विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि देसंविवि के कुलसचिव ने कहा कि यहाँ विद्यार्थियों में हमेशा कुछ अलग और नया करने का जब्जा पैदा की जाती है, जिससे उनमें सृजनात्मक व रचनात्मकता का विकास हो। उन्होंने कहा कि इसी प्रयास का एक चरण टेक्नोज्ञान 2014 प्रतियोगिता है, जहाँ जन सरोकारों से जुड़े नये तकनीक विकसित करनी है। 

प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पुनरुत्थान हेतु संकल्पित देसंविवि के विद्यार्थी नित नये प्रयोग करने में जुटे हैं। योग, पर्यटन, कम्प्यूटर सहित विभिन्न क्षेत्रों में नये आयाम स्थापित हो रहे हैं, यह एक सुखद आश्चर्य है। कम्प्यूटर विभाग के विभागाध्यक्ष ने कहा कि कुलाधिपति डॉ. पण्ड्या के कुशल मार्गदर्शन में 2006 में एक छोटा- सा विभाग के रूप में स्थापित कम्प्यूटर विभाग नित्य नये प्रगति कर रहा है। यहाँ के विद्यार्थी कई अंतर विश्वविद्यालयीन, राज्य व राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलताएँ प्राप्त की हैं। उन्होंने कहा कि टेक्नोज्ञान 2014 प्रतियोगिता ऐसे मेधावी विद्यार्थियों को तैयार करने का एक  मंच है। विभागाध्यक्ष ने बताया कि बीसीए प्रथम वर्ष के छात्र मनन सिंह ने मात्र 21 घंटे में कम्प्यूटर की एक नई भाषा को सीखकर उसे शानदार ढंग से प्रस्तुत किया, तो वहीं बीसीए द्वितीय वर्ष के छात्र सुगम कुमार ने युगऋषि द्वारा लिखित पुस्तक हारिये न हिम्मत पर कम्प्यूटर डायरी तैयार की। बीसीए द्वितीय वर्ष के छात्रों ने डॉक्यूमेंट्री फिल्म के माध्यम से अपनी प्रस्तुती दी। उत्तम प्रस्तुति देने वाले २१ विद्यार्थियों को जनसंपर्क एवं सेवायोजन विभाग के समन्वयक ने पुरस्कृत किया।






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