Published on 2017-12-01

११ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की संभावनाएँ बनीं, शाखा भी स्थापित होगी

लिथुआनिया आयुर्वेद अकादमी द्वारा प्रज्ञायोग, यज्ञ जैसे विषयों पर लिथुआनिया आयुर्वेद अकादमी द्वारा एक बृहद् वार्ता रखी गयी थी। लगभग १५० लोगों ने इसमें भाग लिया। डॉ. चिन्मय जी ने प्रकृति एवं पर्यावरण के मूल में निहित यज्ञ परम्परा का दर्शन समझाते हुए वर्तमान समय में यज्ञ विज्ञान के विस्तार की आवश्यकता और यज्ञ के व्यक्तिगत व सामाजिक प्रभावों की चर्चा की। गोष्ठी का प्रभाव ही था कि वहाँ भारतीय परम्पराओं पर गहरी आस्था रखने वाले मुट्ठीभर लोगों की संख्या बढ़कर अब २०० हो गयी है। शीघ्र ही वहाँ ११ कुण्डीय सामूहिक यज्ञ आयोजित होने की संभावना बनी है।


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