२०० लिथुआनियाई करते हैं नियमित यज्ञ

Published on 2017-12-01

११ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की संभावनाएँ बनीं, शाखा भी स्थापित होगी

लिथुआनिया आयुर्वेद अकादमी द्वारा प्रज्ञायोग, यज्ञ जैसे विषयों पर लिथुआनिया आयुर्वेद अकादमी द्वारा एक बृहद् वार्ता रखी गयी थी। लगभग १५० लोगों ने इसमें भाग लिया। डॉ. चिन्मय जी ने प्रकृति एवं पर्यावरण के मूल में निहित यज्ञ परम्परा का दर्शन समझाते हुए वर्तमान समय में यज्ञ विज्ञान के विस्तार की आवश्यकता और यज्ञ के व्यक्तिगत व सामाजिक प्रभावों की चर्चा की। गोष्ठी का प्रभाव ही था कि वहाँ भारतीय परम्पराओं पर गहरी आस्था रखने वाले मुट्ठीभर लोगों की संख्या बढ़कर अब २०० हो गयी है। शीघ्र ही वहाँ ११ कुण्डीय सामूहिक यज्ञ आयोजित होने की संभावना बनी है।

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इंडोनेशिया और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के बीच शिक्षा एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग के लिए हुआ अनुबंध

इंडोनेशिया के धार्मिक मंत्रालय के हिन्दू निदेशालय ने भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परम्पराओं के अध्ययन-अध्यापन हेतु देव संस्कृति विश्वविद्यालय के साथ अनुबंध किया है। देसंविवि प्रवास पर आये इंडोनेशियाई मंत्रालय के निदेशक श्री कटुत विद्वन्य और देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ......

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बच्चों के मन मे सद्विचारों की प्रतिष्ठा कर रहे हैं पुस्तक मेले

पटियाला। पंजाब गायत्री परिवार पटियाला ने ७ जून को डीएवी पब्लिक स्कूल पत्रान में युग निर्माणी पुस्तक मेले का आयोजन किया। पुस्तक और उनके महान लेखक के विषय में जानकर वहाँ के आचार्य और विद्यार्थी सभी अभिभूत थे। नैष्ठिक परिजन सुश्री.....

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शिक्षा और विद्या पर पुणे में सेमिनार आयोजित

पुणे, महाराष्ट्रगायत्री परिवार पुणे द्वारा २१ जनवरी को पुणे के महात्मा फुले सांस्कृतिक भवन में शिक्षा एवं विद्या पर सेमिनार आयोजित किया गया जिसमें शिक्षा जगत से जुड़ी सभी शिक्षण संस्थाओं के साथ बच्चों के अभिभावकों को भी आमन्त्रित किया.....


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