Published on 2017-07-20
img

पटियाला। पंजाब 
गायत्री परिवार पटियाला ने ७ जून को डीएवी पब्लिक स्कूल पत्रान में युग निर्माणी पुस्तक मेले का आयोजन किया। पुस्तक और उनके महान लेखक के विषय में जानकर वहाँ के आचार्य और विद्यार्थी सभी अभिभूत थे। नैष्ठिक परिजन सुश्री मीना गुप्ता के अनुसार मेला बहुत उत्साहवर्धक और सफल रहा। बच्चों को इनके माध्यम से जीवन को सँवारने की, आदतों को सुधारने की कई महत्त्वपूर्ण प्रेरणाएँ दी गयीं। 
रोहतक। हरियाणा 
रोहतक और झझ्झर के समर्पित कार्यकर्त्ताओं की एक टोली ने श्री सुभाष चंद्र का सहयोग करते हुए रोहतक शहर के अनेक शिक्षण संस्थानों में पुस्तक मेले लगाये। प्रत्येक विद्यालय में पूज्य गुरुदेव के साहित्य की विशेषता और जीवन को बदलने की क्षमता के बारे में जानकारी दी गयी। बच्चों को विश्वास दिलाया गया कि गुरुदेव के विचारों के सान्निध्य और गायत्री उपासना के प्रभाव से नशा, नकारात्मकता, जैसी तमाम बुराइयों से बचकर वे अपने जीवन को शानदार बना सकते हैं। बच्चे बहुत प्रभावित हुए, प्रचुर मात्रा में उन्होंने साहित्य खरीदा। बच्चों का जन्मदिन भी मनाया गया। ये पुस्तक मेले रोहतक के वैश्य महिला महाविद्यालय, वैश्य सी.से. स्कूल, विश्वकर्मा मॉडल स्कूल आदि में लगाये गये। इस टोली ने आगामी वर्ष में दो गुनी संख्या में ऐसे पुस्तक मेले लगाने का संकल्प लिया है। 

गोड्डा। झारखंड 
महागामा, गोड्डा शाखा ने अपने मंदिरनुमा ज्ञानरथ के सहारे कॉलेज के अनेक विद्यालय, महाविद्यालय, कोचिंग क्लासों में जाकर नशा उन्मूलन की प्रेरणा दी, नशा उन्मूलन के चित्र और युग साहित्य की प्रदर्शनी लगायी। यह अभियान बड़ा सफल और लोकप्रिय रहा। बच्चों ने भरपूर साहित्य खरीदा। परिजनों ने भी युग चेतना विस्तार के लिए बड़ी मात्रा में नि:शुल्क युगसाहित्य वितरित किया। श्री सरस्वती रंजन के अनुसार उनकी शाखा ने इस वर्ष २४ बड़े पुस्तक मेले और हर शिक्षण संस्थान में भी पुस्तक मेले व प्रेरणाप्रद प्रदर्शनियाँ लगाने का संकल्प लिया है। 


Write Your Comments Here:


img

भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का रजत जयंती वर्ष

नई पीढ़ी को संस्कृतिनिष्ठ-व्यसनमुक्त बनाने हेतु ठोस प्रयास होंसोद्देश्य प्रारंभ और प्रगतिभारतीय संस्कृति को दुनियाँ भर के श्रेष्ठ विचारकों ने अति पुरातन और महान माना है। ऋषियों की दृष्टि हमेशा से विश्व बंधुत्व की रही है। इसी लिए इस संस्कृति.....

img

२०० लिथुआनियाई करते हैं नियमित यज्ञ

११ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की संभावनाएँ बनीं, शाखा भी स्थापित होगी

लिथुआनिया आयुर्वेद अकादमी द्वारा प्रज्ञायोग, यज्ञ जैसे विषयों पर लिथुआनिया आयुर्वेद अकादमी द्वारा एक बृहद् वार्ता रखी गयी थी। लगभग १५० लोगों ने इसमें भाग लिया। डॉ. चिन्मय जी ने.....

img

इंडोनेशिया और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के बीच शिक्षा एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग के लिए हुआ अनुबंध

इंडोनेशिया के धार्मिक मंत्रालय के हिन्दू निदेशालय ने भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परम्पराओं के अध्ययन-अध्यापन हेतु देव संस्कृति विश्वविद्यालय के साथ अनुबंध किया है। देसंविवि प्रवास पर आये इंडोनेशियाई मंत्रालय के निदेशक श्री कटुत विद्वन्य और देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ......