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देव संस्कृति विश्वविद्यालय में ११ एवं १२ अक्टूबर को ‘फूड, कल्चर एण्ड टूरिज़्म’ सेमीनार का आयोजन हुआ। इसके उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रो. एससी बागरी, कुलपति हिमगिरि विश्वविद्यालय, देहरादून ने पं.श्रीराम शर्मा जी के भारतीय संस्कृति को विश्व संस्कृति बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद और स्वामी शंकराचार्य की आदर्श परंपराओं का अनुगमन करते हुए इस मिशन के लाखों स्वयंसेवक सारे विश्व में भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं। ब्राजील से आये स्वामी शंकर सरस्वती ने कहा कि संस्कृति लोगों के आहार-विहार से झलकती है। पर्यटन विभिन्न संस्कृतियों के दर्शन कराता है।देसंविवि के कुलपति डॉ. एसडी शर्मा ने भारतीय संस्कृति की विशेषता-अनेकता में एकता की व्याख्या की। प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने आहार, विहार व विचारों से किसी समाज की संस्कृति को समझने के बारे में मार्गदर्शन किया। महर्षि दयानंद विवि के पर्यटन विभाग के निदेशक डॉ. आशीष दहिया, देसंविवि के कुलसचिव श्री संदीप कुमार ने भी अपने विचार रखे।सेमीनार का आयोजन इंडियन हॉस्पिटिलिटी काँग्रेस के सहयोग से हुआ, देसंविवि के पर्यटन विभाग ने समन्वय व संयोजन किया। देसंविवि की ओर से उनके द्वारा पर्यटन और संस्कृति के विकास के लिए किये जा रहे शोध कार्यों की जानकारी दी गयी। कुरुक्षेत्र विवि, एमएम विवि. अंबाला, एचएनबी गढ़वाल विवि, आईएचएम कोटद्वार, लखनऊ विवि सहित १२ विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के अलावा ७५ भारतीय एवं ३० विदेशी प्रतिभागी इसमें शामिल हुए। फूड ट्रेण्ड्स, फूड सेफ्टी, हेल्दी फूड्स, रूरल फूड्स, कल्चर एण्ड टूरिज़्म पर पेपर पढ़े गये। सेमीनार समापन पर प्रो. रोली ने सभी का आभार व्यक्त किया। सेमीनार की सफलता में पर्यटन विभाग के डॉ. अरुणेश पाराशर, डॉ. उमाकांत इंदौलिया, डॉ. जगमोहन भटनागर आदि का मुख्य योगदान रहा।


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