देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पंड्या जी  तीन दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार को छतीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे। अपनी इस तीन दिवसीय यात्रा के दौरान वह अभनपुर, भिलाई एवं रायपुर में बैठकें करेंगे। पड्याजी के रायपुर पहुंचने पर राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री रमन सिंह एवं राज्य के गृह मंत्री ने उनसे मुलाकात की और उनसे आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. पंड्या ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय की छत्तीसगढ़ इकाई बनाने के अपने संकल्प को दोहराया और कहा कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय मूल्यपरक शिक्षा देने पर विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि छतीसगढ़ में शिक्षा और विद्या के साथ स्वावलम्बी पाठ्यक्रमों का क्रम बनेगा तो छत्तीसगढ़ी युवाओं को निश्चित तौर पर लाभ होगा। राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि छतीसगढ़ में एक अच्छा विश्वविद्यालय बने उसके लिए वह प्रयत्नशील हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय जैसा विश्वविद्यालय छतीसगढ़ की प्रगति में एक कदम आगे बढ़ने जैसा कार्य होगा। उन्होंने राज्य के विभिन्न स्थानों पर गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे प्रकल्पों की सराहना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय का केंद्र राजनांदगांव एवं बिलासपुर में खोलने सम्बन्धित विभिन्न मुद्दों पर चर्चाएं हुईं। डॉ. पड्याजी रायपुर से ओडिशा-छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित गरियाबंद जिले में देव भोग गायत्री शक्तिपीठ की प्राणप्रतिष्ठा एवं वनवासी उन्नयन दीपयज्ञ के लिए जाएगे। उसके बाद वह नया रायपुर -राजधानी क्षेत्र में स्थित अभनपुर शक्तिपीठ के नवनिर्मित यज्ञशाला, श्रीराम सत्संग भवन एवं परिव्राजक भवन का उद्घाटन करेंगे। सायंकाल दीपयज्ञ में उद्बोधन होगा एवं नवनिर्मित गायत्री शक्तिपीठ में मां गायत्री मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के साथ होगी। गायत्री शक्तिपीठ भिलाई में 108 कुण्डीय यज्ञ में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करने के बाद वह हरिद्वार के लिए प्रस्थान करेंगे। डॉ. पड्याजी ने सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद, जातिवाद, आतंक, अपराध शमन तथा नारी अस्मिता की सुरक्षा के लिए राज्य के सभी जिलों, शक्तिपीठों, प्रज्ञामण्डल, महिला मंडल, युवा मंडल द्वारा समूह साधना आयोजित कराने का निर्देश दिया।For More Please visit at :http://ibn7.in , http://navabharat.org


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