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गुजरात के बारडोली में होगा शहीद सम्मान समारोह केदारनाथ त्रासदी के दौरान शहीद हुए जवानों के परिवार को आर्थिक मदद एवं विशेष प्रशस्ति पत्र देने हेतु देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्याजी  आज गुजरात के लिए रवाना हुए। रवाना होने से पूर्व डॉ. पण्ड्याजी ने बताया कि उत्तराखण्ड में हुई भयंकर त्रासदी ने समग्र विश्व को झकझोर कर रख दिया। इस त्रासदी में हजारों की जानें गयीं और लाखों हताहत हुए। 16.17 जून 2013 में आई इस त्रासदी की पीड़ा से उत्तराखण्ड उबर नहीं पाया है। उन्होंने बताया कि प्रारंभ से लेकर आज तक गायत्री परिवार पहाड़ के लोगों की सेवा- सहायता कार्य में जुटा हुआ है। इस हेतु आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के निर्देशन में एक दल सतत सक्रिय है। कुलाधिपति डॉ. पण्ड्या ने बताया कि आपदाग्रस्त नौ जिलों में रेस्क्यू से लेकर पुनर्वास तक का कार्य गायत्री परिवार द्वारा सतत किया जा रहा है। साथ ही आपदा पीड़ितों को देसंविवि व शांतिकुंज में निःशुल्क कुटीर उद्योग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केदानाथ पीड़ितों के सहयोग की इस कड़ी में नवीनतम सेवा कार्य शांतिकुंज एवं थिंक टैंक ग्रुप बारडोली द्वारा गुजरात के सूरत जिले के बारडोली ग्राम में शहीद दिवस मनाने जा रहा है। ‘मिशन केदारनाथ 999 के अन्तर्गत थिंक टैंक ग्रुप द्वारा गायत्री परिवार के सहयोग से त्रासदी में दूसरों की जान की रक्षा करते हुए शहीद हुए उन बीस जवानों के परिवारों को दो- दो लाख की आर्थिक सहायता दी जायेगी, साथ ही उन परिवारों का सम्मान किया जाएगा जिन्होंने ऐसे वीर सपूतों को जन्म दिया। अखिल विश्व गायत्री परिवार, थिंक टैंक एवं दक्षिण गुजरात के हजारों कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक 23 मार्च शहीद दिवस के उपलक्ष्य में सूरत जिले के बारडोली में स्वराज आश्रम में एकत्रित होंगे। उल्लेखनीय है कि बारडोली सत्याग्रह स्वराज आश्रम से ही प्रारम्भ हुआ था। सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृतियाँ स्वराज आश्रम से जुड़ी हुई हैं। गायत्री परिवार के इस महत्वाकांक्षी योजना में जुड़े थिंक टैंक ग्रुप के डॉ.खुशाल भाई देसाई ने शांतिकुंज आपदा प्रबन्धन द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की। उन्होंने ‘मिशन केदारनाथ 999’ के बारे में बताया कि इसके अन्तर्गत त्रासदी में दिवंगत हुए ब्राह्मणों के परिवारों की विधवाओं के दैनिक जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति भी की जा रही है और यह क्रम 999 दिनों तक चलेगा। दूसरे चरण में अनाथ हुए बच्चों को गोद लेकर उन्हें शिक्षण और उत्तम जीवन की जिम्मेदारी का निर्वाह थिंक टैंक गायत्री परिवार के साथ मिलकर निरन्तर कर रहा है। इसी क्रम में शहीद सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है।


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