गुरुपूर्णिमा का पुण्यपर्व इस वर्ष 12 जुलाई, शनिवार  के दिन है.
हम चाहे जो हों, जैसे हों, गुरु हममें से हर एक के जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है। अपने जीवन के अतीत के बारे में सोचें, वर्तमान को परखें और भविष्य पर नजर डालें तो समूचा अस्तित्व एक साकार प्रश्न लगेगा। इस गहरी आत्मसमीक्षा में इस सत्य की स्पष्ट अनुभूति होगी कि सार्थक जीवन के लिए हमें एक दिशा, एक उद्देश्य एवं एक लक्ष्य की आवश्यकता है। इसके बिना हमारा समूचा जीवन प्रायः एक भटकन में ही बीत जाता है। हालाँकि हम जीवनभर तरह-तरह के सुखों में जीवन की सार्थकता को खोजने की कोशिश करते हैं, किंतु अंत में हमें इन सुखों की भ्रामक प्रकृति की अनुभूति होती है और बुढ़ापे में ऐसा लगने लगता है कि हम तो ठगे गए। अब तक जो किया, जो पाया वह सब व्यर्थ और अर्थहीन था।
More Read:- http://literature.awgp.org/magazine/AkhandjyotiHindi/2000/July.50">गुरुपूर्णिमा पर्व पर विशेष सद्गुरु की कृपा के अवतरण का महापर्व





Write Your Comments Here:


img

समस्त वर्तमान समस्याओं का समाधान है -गायत्री और यज्ञ -डॉ. चिन्मय पण्ड्याजी

शांतिकुंज प्रतिनिधि ने मंगलगिरि, अमरावती में होने जा रहे गायत्री अश्वमेध महायज्ञ की जानकारी दी, साधना, समयदान, अंशदान कर दैवी अनुदान पाने का आमंत्रण दिया।हैदराबाद। तेलंगाना गायत्री परिवार हैदराबाद ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी की मुख्य.....

img

गुरु देव को जानना है तो अखण्ड ज्योति पढ़ो

जोबट दिनांक 17 अगस्त 2014 स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ में अखण्ड ज्योति पाठक सम्मेलन का आयोजन किया गया ।। इसमें मुख्य अतिथि थे श्री शम्भु सिंह पुरोहित सचिव भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा झाबुआ । यह उल्लेखनीय है कि श्री पुरोहित अकेले.....

img

गुरुपूर्णिमा की पूर्व संध्या पर वरिष्ठ वक्ताओं के प्रेरक उद्गार



आदरणीय श्री वीरेश्वर उपाध्याय जी गुरुतत्त्व ज्ञान, तप और संवेदनाओं का समुच्चय है। व्यक्ति यदि ज्ञानी और तपस्वी है, लेकिन उसकी संवेदनाएँ नहीं जगी तो वह उसमें अहंकार जैसे विकार पैदा हो जायेंगे।  युग के निर्माण के लिए गुरुदेव ने गुरुतत्त्व जगाया,.....


Warning: Unknown: write failed: No space left on device (28) in Unknown on line 0

Warning: Unknown: Failed to write session data (files). Please verify that the current setting of session.save_path is correct (/var/lib/php/sessions) in Unknown on line 0