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देव संस्कृति विश्वविद्यालय का 22 वां ज्ञानदीक्षा समारोह राज्यपाल महोदय की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न

23,जनवरी ,2013। हरिद्वार: वर्ष 2013 का आरम्भ विश्वविद्यालय के लिए नए आयाम साथ ले कर आया जिस ओर  विश्वविद्यालय का 22 वां ज्ञानदीक्षा समारोह एक महत्वपूर्ण कदम सिध्ध हुआ। उत्तराखंड राज्य के महामहिम राज्यपाल महोदय की गरिमामयी उपस्थिति में मान्यं-मान्यं की ध्वनियो के मध्य नवप्रवेशी छात्र – छात्राओं ने युवाओ को गढ़ने की टकसाल देव संस्कृति विश्वविद्यालय में प्रवेश पाया। विश्वविद्यालय में पूर्व से अध्धयनरत विद्यार्थियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओ की उपस्थिति में सम्पूर्ण विश्व ने एक बार पुनः देखा आखिर सृजन की सकारात्मक बयार लेकर आने की मात्र बातें नहीं वरन कार्य कर रहा है देव संकृति विश्वविद्यालय।
डॉ . एस डी शर्मा जी [कुलपति ,देव संस्कृति विश्वविद्यालय] के स्वागत भाषण से कार्यक्रम का आरम्भ हुआ। श्री गौरीशंकर शर्मा जी [व्यवस्थापक, शांतिकुंज, हरिद्वार] ने ज्ञान दीक्षा की पृष्ठभूमि से उपस्थित जनसमुदाय को अवगत कराया। श्री वीरेश्वर उपाध्याय जी [वरिष्ठ मनीषी एवं कार्यकर्ता, शांतिकुंज,हरिद्वार ] ने पश्चिम का अन्धानुकरण कर रही वर्तमान युवा पीढ़ी को सीखने की प्रवित्ति के साथ सजगता अपनाने एवं साथ ही अपनी सांस्कृतिक जड़ो से जुड़े रहने की बात पर बल दिया।
कुलाधिपति डॉ प्रणव पंड्या जी ने दीक्षा कर्मकांड के मुख्य क्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षको को संस्कारो से अनुप्राणित किया व साथ ही मार्गदर्शन प्रदान करते हुए वर्तमान के समस्त समस्याओं का समाधान शिक्षा की साथ संस्कारों के मेल जोल को बताया जिसका सफल प्रयोग देव संस्कृति विश्वविद्यालय कर रहा है । इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ा रहे राज्य के राज्यपाल डॉ कुरैशी जी ने राष्ट्रीय समस्याओ पर सजगता पूर्वक समाधान लाने को प्राण प्रण से लगे युवाओं का आह्वावान किया व भविष्य में विश्वविद्यालय से राष्ट्र एवं संस्कृति की बढ़कर सेवा  करने की  आशा जताई।
22 वां ज्ञान दीक्षा समारोह विश्वविद्यालय में नया उत्साह और उमंग का संचार करने वाला एक प्रेरणाप्रद आयोजन सिध्ध हुआ।


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