Published on 2017-07-06
img

६ जुलाई, हैदराबाद (तेलंगाना)

डॉ. चिन्मय पंड्या जी का कार्यक्रम
दोपहर १२:०० बजे NFI  में मीटिंग हुई।

सायं ४:०० बजे गायत्री ज्ञान मंदिर बोइनपल्ली, सिकन्द्राबाद में "युग वेदव्यास" भवन की आधार शिला डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने राखी। उपस्थित परिजनों को भविष्य में इस भवन की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस भवन में तेलुगु साहित्य प्रकाशन, वाचनालय, साहित्य स्टोर आदि बनेगा। ज्ञान मंदिर की व्यवस्थापिका श्रीमती श्रीवाणी रंगा राव ने पूरे स्वर्णाधाम नगर के परिजनों को गायत्रीमय बना लिया है।

सायं ०६:०० बजे से गोशामहाल, हैदराबाद में ऋषि श्रृंगी भवन में १००० से ज्यादा हिंदी परिजनों के बीच दीपमहायज्ञ के साथ आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का स्वागत सम्मान हुआ ।। अश्वमेध महायज्ञ मंगलगिरी में हमारी भूमिका विषय पर उद्बोधित किया। यह कार्यक्रम काम समय में श्री गोकुल उपाध्याय जी ने आयोजित किया था।

७ जुलाई को प्रातः ०७:०० बजे श्री एम् वी एस राजू के घर पर DIYA हैदराबाद की गोष्ठी सम्पन्न हुई जिसमें अश्वमेध एवं युग सृजेता सम्मलेन २६, २७, २८ जनवरी २०१८ नागपुर में अपनी भूमिका पर डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने प्रकाश डाला। प्रातः ०९:०० बजे गायत्री चेतना केन्द्र मुसपेट पर नीव के पत्थर पुराने परिजनों से मुलाकात की और उनकी भूमिका से यहाँ तक मिशन पहुंचा। अब आपकी शुभ कामनाएं ही मिशन को गति प्रदान करेगी। श्री सुब्बा राव जी ने सम्मान किया।

कार्यक्रम के आयोजक श्री एम् वी एस राजू जी एवं श्री अनिल कुमार राव जी थे।


Write Your Comments Here:


img

१०८ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ तेलुगु चौधरी समाज के परिजनों द्वारा संपन्न

तेनाली गुण्टूर जिला (आन्ध्रप्रदेश)१०८ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ तेलुगु चौधरी समाज के परिजनों ने संपन्न कराया। जिससे गुण्टूर, कृष्णा जिले के परिजनों ने घर- घर देवस्थापना कार्यक्रम संपन्न कराकर २४ लाख गायत्री मन्त्र लेखन किया और २४ सौ गायत्री चालीस पाठ.....

img

अश्वमेध गायत्री महायज्ञ- मंगलगिरी प्रयाज कार्यक्रम

२७ तेलुगु साधकों को मुन्स्यारी विशिष्ट साधना शिविर में भागीदारी। यह शिविर तेलुगु भाषा में दिनचर्या से लेकर गुरुदेव माताजी के प्रवचन तक सभी उनकी ही भाषा में अनुवादित कर दिया गया। लोगों को यह शिविर जीवन का भूतो न.....

img

१०८ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ, चिराला, प्रकाशम् जिला (आन्ध्र प्रदेश)

विशेषताएं:- भव्य यज्ञशाला सजाया गया। पेड़ पौधों से लेकर सदवाक्यों तक।२१११६ कलशों द्वारा मंगल कलश शोभा यात्रा।११११६ दीपकों द्वारा विराट दीपमहायज्ञ।विराट साहित्य स्टॉल ।।११०० गायत्री मन्त्र दीक्षा।१६ हजार से ज्यादा लोगों की भागीदारी।१७, १८, १९ जून १०८ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ.....