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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित हो गया, उसे व्यापक, प्रभावी और व्यावहारिक बनाना है

विश्व गुरु के रूप में भारत की भूमिका के लिए एक अच्छा मार्ग खुल गया है | 

सही दिशा में उचित कदम 

ऋषि चेतना अपना काम कर रही है। भारत की ओर से प्रस्ताव रखा गया और संयुक्त राष्ट्र संघ ने उसे स्वीकार करते हुए ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ घोषित कर दिया। उसके लिए २१ जून का दिन निश्चित किया गया है। यों तो बहुत बड़ी संख्या में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न दिवस घोषित हैं, वे सभी उपयोगी हैं; किन्तु योग दिवस पर भारतीयों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कारण ? 

  1. भारत के प्रस्ताव पर इसे स्वीकृति मिली है और भारत ही योग विद्या का सबसे बड़ा विशेषज्ञ है। इसलिए हमारा कर्त्तव्य बन जाता है कि इस दिशा में विशेष प्रयास करें और समुचित मार्गदर्शन की व्यवस्था बना दें।
  2. भारतीय मनीषियों, योगियों का यह कथन अब सर्वमान्य होता जा रहा है कि शक्ति- साधन अपने आप में भले- बुरे नहीं होते, वे कुयोग से बुरे और सुयोग से भले सिद्ध होते हैं। 
  3. इसलिए समय- शक्ति को कुयोग से बचाकर उन्हें सुयोगों से जोड़ने के प्रयास- अभ्यास को श्रेष्ठ और व्यावहारिक योग साधना माना गया है। अपने संगठन के प्रयास पहले से ही इस दिशा में चल रहे हैं। अब समय की अनुकूलता देखकर उन्हें और प्रखर तथा व्यापक बनाया जाना है। समय पर सही योजना बनाकर उसे सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारी करनी है। 
  4. भारत सरकार ने अपनी ओर से समय पर पहल कर दी है। मार्च में ही दो बार बैठकें की गयीं। उनमें केन्द्र सरकार के सुयोग्य प्रतिनिधियों के साथ शांतिकुंज सहित देश के गिने- चुने समर्थ संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया। विचार किया गया कि चूँकि योग के संबंध में भारत की ओर सभी देशों की निगाहें लगी हुई हैं, इसलिए भारत में इसे बहुत व्यवस्थित, आदर्श और व्यापक स्वरूप दिया जाय। 

सम्यक निर्धारण :-

  • योग दिवस २१ जून को रखा गया है। धरती के उत्तरी गोलार्ध में २१ जून को वर्ष में सबसे बड़ा दिन होता है। संसार की अधिकांश आबादी उत्तरी गोलार्ध में ही है। इस दिन योग दिवस घोषित करने का भाव संभवतः यही रहा है कि दुनिया की अधिकांश जनसंख्या के जीवन को प्रकाशित करने की क्षमता ‘योग’ में है। 
  • भारत इस दिवस को सबसे अधिक महत्त्व दे और उपयोगी सिद्ध करे। भारत सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर इसके प्रयास तेज कर दिये हैं। देश में अधिक से अधिक स्थानों पर इस दिन एक समय- एक ढंग के आयोजन करने के साथ लगभग १२७ देशों में भारतीय एम्बेसियों के माध्यम से भी समारोह किये जायेंगे। 
  • सभी जगह समय सवेरे ७.०० से ९.०० बजे तक का निर्धारित किया गया है। उसमें पहले आधा घंटे (७.०० से ७.३०) तक सर्वोपयोगी सुगम योग व्यायामों की सी.डी. (C.D.) जारी की जायेगी। देश के सभी अन्य संगठन भी इसी अवधि में आयोजन करेंगे। ७.०० से ७.३० तक केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों के अलावा शेष समय ७.३० से ९.०० तक प्रत्येक संगठन अपने ढंग से कार्यक्रम निर्धारित कर सकेंगे। उसमें योग के प्रति जागरूकता लाने, उसकी महत्ता और विधियाँ सिखाने के क्रम शामिल रहेंगे। इसके अलावा उस दिन विविध तरह के कार्यक्रम, रैली, प्रदर्शनी, प्रतियोगिता आदि की व्यवस्था भी बनायी जा सकती है। 
  • शांतिकुंज ने २१ जून के लिए अपनी संगठित इकाइयों के लिए सुनिश्चित कार्यक्रम बना लिया है। उसमें अधिक से अधिक परिजनों तथा संपर्क क्षेत्र के नर- नारियों को शामिल करने के प्रयास किये जाने हैं। उस दिन के कार्यक्रम का महत्त्व और स्वरूप समझाने के लिए एक प्रचार पत्रक का प्रारूप भी तैयार कर लिया गया है। उसे इसी पृष्ठ पर प्रकाशित किया गया है। 
  • कार्यक्रम में ७.०० से ७.३० के लिए निर्धारित योग- व्यायाम की C.D. केन्द्र सरकार द्वारा तैयार की जा रही है। उसे क्षेत्रीय प्रशासन से भी प्राप्त किया जा सकता है। शेष समय के अपने निर्धारित क्रम का प्रारूप पाक्षिक के अगले अंक में दिया जायेगा। आवश्यकतानुसार उसकी भी C.D. बनाकर सम्पर्क सूत्रों से और सोशल मीडिया (इंटरनेट) के माध्यम से प्रसारित कर दी जायेगी। 
  • अपना लक्ष्य यह है कि ‘योग’ केवल शारीरिक क्रियाओं (योग, व्यायाम, प्राणायाम) आदि तक ही सीमित न रहे। उसे युगऋषि के अनुरूप ऐसा स्वरूप दिया जाय कि वह शरीर, मन एवं समाज सभी को कुयोगों से बचाकर समग्र जीवन को एक श्रेष्ठ सुयोग सिद्ध कर सके। 

परिजन यह करें :- 

  1. सक्रिय कार्यकर्त्ता, संगठन समन्वयकों की एक गोष्ठी यथाशीघ्र बुलायें। उनके सामने निर्धारित प्रारूप रखें तथा अपने क्षेत्र में इस समारोह को व्यापक और शानदार रूप देने की योजना रचें। 
  2. इस धारा में जिनकी विशेष रुचि हो तथा जिनके पास योजना और तद्नुरूप व्यवस्था बनाने की कुशलता हो, उनकी एक टोली बनाकर उन्हें इसका दायित्व सौंप दें। सभी लोगों से उनका सहयोग करने की अपील करें। 
  3. यह समारोह प्रत्येक नगर, कस्बे तथा ग्राम में करने का लक्ष्य रखा जाय। गाँवों और छोटे कस्बों में समारोह एक ही स्थान पर करने के प्रयास किये जाने चाहिए। बड़े शहरों में आवश्यकता के अनुसार अनेक स्थानों पर व्यवस्थाएँ बनायी जा सकती हैं। 
  4. आयोजनों के बड़े हॉल, शेड और खुले मैदानों का उपयोग किया जा सकता है। जितने व्यक्तियों की भागीदारी की संभावना बने, उसके अनुसार स्थान का चयन कर लेना चाहिए। जून में अधिकांश स्कूलों में छुट्टियाँ होती हैं, इसलिए उनके हॉल तथा मैदान आदि भी सहजता से उपलब्ध हो सकते हैं। 
  5. जहाँ जितने स्थानों का चयन किया जाय, वहाँ उनके अनुसार व्यवस्था बनाने और कार्यक्रम का संचालन करने वालों को तैयार, प्रशिक्षित कर लेना चाहिए। इसके लिए क्षेत्रों के और केन्द्र के विशेषज्ञों से सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। 
  6. प्रचार पत्रक (जो इसी पृष्ठ पर दिया गया है) में निर्धारित स्थान तथा सम्पर्क सूत्र आदि शामिल करके उसे आवश्यक संख्या में छपवा लिया जाय। जनसंपर्क द्वारा उनके वितरण की व्यवस्था बनायें। शामिल होने वाले का व्यक्तिगत पंजीयन न किया जा सके तो कहाँ कितने व्यक्ति सम्मिलित होंगे, यह जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। इससे आगे की व्यवस्था बनाने में सुविधा होगी।
  7. सवेरे (७.०० से ९.०० बजे तक) का कार्यक्रम जहाँ हो वहाँ निम्र व्यवस्थाएँ बना लेने पर विशेष ध्यान दिया जाय। 
  8. मंच, सज्जा, बैनर, पोस्टर आदि की उचित व्यवस्था की जाय। उनके प्रारूप शीघ्र ही उपलब्ध करा दिये जायेंगे। 
  9. उपयुक्त माइक सिस्टम की व्यवस्था। 
  10. बैठने और योग- व्यायाम करने के लिए उचित बिछावन। इसे सामूहिक स्तर पर भी किया जा सकता है तथा प्रतिभागियों से भी एक- एक आसन/चादर लेकर आने के लिए भी निवेदन किया जा सकता है। 
  11. रैली निकालने के लिए भी बैनर- पोस्टर आदि की व्यवस्था उचित संख्या में रहे। 
  12. यदि वृक्षारोपण के संकल्प कराने हैं तो वृक्षों की पौध उचित संख्या में तैयार रखी जाय। उन्हें संकल्पकर्त्ता को विधिपूर्वक सौंपा जाय और वर्षा प्रारंभ होने पर उचित समय पर उचित स्थान पर आरोपित करने की सलाह दी जाय। 
  13. योग विषय पर अपने यहाँ से प्रकाशित पुस्तकें पर्याप्त संख्या में मँगाकर रखी जायें। उनके सैट भी बनाकर रखे जा सकते हैं। आयोजन स्थल पर उन्हें ब्रह्मभोज के रूप में अथवा उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी बनायी जानी चाहिए। 

इस संदर्भ में किसी स्पष्टीकरण के लिए शांतिकुंज के जोनल कार्यालयों पर फोन से तथा ई- मेल- iyd.awgp@gmail.com पर सम्पर्क किया जा सकता है।









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MANISH YADAV
2015-06-16 22:52:57
VERY GOOD KINDLY GIVE US PDF/CHART TYPE MATERIAL FOR THE PROGRAMME AT VIDYADHAR NAGAR , JAIPUR RAJASTHAN
mithilesh kumar verma
2015-06-08 16:11:03
09905123120
Shankar Parasad Yadav
2015-05-20 20:19:20
Yog our sadhana me vah Shakti hai jo manav ko mahamanv ban sakta hai.. bahut khub... aur achchha prayaas. Pram Pujya Gurudev ki sapno ka sansar banker rahega
Suresh chand sharma
2015-05-19 16:10:06
I Am Releted First Gayatri Parivar & R S S
ANJU KATIYAR
2015-05-17 22:01:41
yoga is very important
Naval Malhotra
2015-05-17 21:27:10
योग भगाये रोग।